राजपूताने की माटी गवाह है उस नेतृत्व की, जिसने विकास की लकीरें खींची और आमजन के विश्वास को कवच बनाया। वसुंधरा राजे, महज एक नाम नहीं, बल्कि राजपूताने की उस 'अदम्य शक्ति' का पर्याय हैं, जिनके व्यक्तित्व की आभा आज भी बेमिसाल है। सत्ता के गलियारों से लेकर जन-जन की चौपाल तक, उनका करिश्मा कायम है। उनकी कार्यशैली में वह 'शान' और 'बान' है, जो कार्यकर्ताओं को न केवल जोड़ती है, बल्कि प्रेरित भी करती है। आज भी, जब वह सीधे सत्ता के शीर्ष पर नहीं हैं, तब भी उनकी लोकप्रियता का सूरज पूरी आभा के साथ चमक रहा है।
जालोर जिले के रानीवाड़ा क्षेत्र स्थित सिलासन गांव में आज यह 'चुंबकीय शक्ति' फिर एक बार धरातल पर नजर आई। भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के जन्मदिन पर यहाँ आयोजित कार्यक्रम ने राजनीति के जानकारों को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
धार्मिक अनुष्ठान और कार्यकर्ताओं का जोश वरिष्ठ भाजपा नेता ऊक सिंह परमार और युवा भाजपा नेता मंजीराम चौधरी की अगुवाई में स्थानीय ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं ने वसुंधरा राजे के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना के लिए सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ किया। सिलासन का पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया, जहाँ "जय श्री राम" के जयघोषों के साथ कार्यकर्ताओं ने एक जुट होकर यह संदेश दिया कि राजे के प्रति उनका समर्पण आज भी अटूट है।
राजनीतिक संदेश और बढ़ती नजदीकियां जालोर की राजनीति में सिलासन के इस भव्य आयोजन को काफी अहम माना जा रहा है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ऊक सिंह परमार और मंजीराम चौधरी ने वसुंधरा राजे के कार्यकाल की उन ऐतिहासिक योजनाओं को याद किया, जिन्होंने राजस्थान की तस्वीर बदली।
राजनीतिक विश्लेषक इस कार्यक्रम को सीधे तौर पर ऊक सिंह परमार और मंजीराम चौधरी की वसुंधरा राजे से बढ़ती नजदीकियों और क्षेत्र में उनके बढ़ते प्रभाव से जोड़कर देख रहे हैं। जिले के सियासी गलियारों में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि कैसे आज भी कार्यकर्ता राजे के एक इशारे पर एकजुट होने का दम रखते हैं।







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