जामनगर भेजा गया, चीतों की तरह खास प्रोजेक्ट
अहमदाबाद। एयर इंडिया की फ्लाइट से शनिवार देर रात लंदन से अहमदाबाद के लिए दो बाघ लाए गए। विमान में करीब 200 यात्री सवार थे। दोनों बाघों को कार्गाे में विशेष पिंजरे प्रदान किए गए थे। आम तौर पर हिंसक जानवरों को विशेष मालवाहक विमानों में लाया जाता है, लेकिन पहली बार यात्री उड़ान के कार्गाे में बाघ को लाने के लिए खास इंतजाम किए गए थे।
यह विमान 6856 किलोमीटर की दूरी तय कर सुबह नौ बजे अहमदाबाद हवाई अड्डे पर उतरा। पिंजरे में ही दोनों बाघों के खाने-पीने की खास व्यवस्था की गई थी। दोनों बाघों का कस्टम क्लीयरेंस वाइल्ड लाइफ एक्ट के नियमानुसार किया गया। इसके बाद दोनों को जामनगर भेज दिया गया। रिलायंस फाउंडेशन के पशु बचाव संरक्षण और पुनर्वास केंद्र को वंतारा भेजा गया था।

नियमानुसार दोनों के लिए कस्टम क्लीयरेंस लिया गया था
विदेशों से आने वाले जानवरों के लिए कस्टम क्लीयरेंस की लंबी प्रक्रिया है। जानवर को डीजीएफटी लाइसेंस के साथ-साथ एक स्वास्थ्य प्रमाण पत्र प्राप्त करना होगा कि उसे टीका लगाया गया है और कोई बीमारी नहीं है। किसी भी एयरपोर्ट पर उतरने के बाद अनिवार्य स्वास्थ्य जांच भी की जाती है।
कुछ सालों पहले केन्या से लाए थे चीते
भारत सरकार ने एक खास प्रोजेक्ट के लिए चीतों को केन्या से लाया गया था। भारत में चीता प्रजाति समाप्त हो गई थी। अब इसी तर्ज पर एक खास नस्ल के बाघों को भी भारत में लाकर शोध करने का प्रोजेक्ट हाथ में लिया गया है। इन्हे जामनगर के पास गीर के जंगलों में सरंक्षित किया जाएगा।



