वास्तुकला परिषद (Council of Architecture) ने जारी की सख्त चेतावनी, फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ कोर्ट में चलेगा मुकदमा
वास्तुकला परिषद (CoA) ने देशभर में फर्जी और गैर-पंजीकृत व्यक्तियों द्वारा खुद को “वास्तुविद” (Architect) बताकर काम करने वालों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। परिषद ने सार्वजनिक सूचना जारी कर आम जनता, सरकारी विभागों, बिल्डर्स और विकास प्राधिकरणों को ऐसे छद्म व फर्जी लोगों से सावधान रहने की सख्त ताकीद की है।
क्या है मामला और नाम (प्राधिकरण)
- जारीकर्ता संस्था: वास्तुकला परिषद (Council of Architecture – CoA), भारत सरकार का एक स्वायत्त वैधानिक प्राधिकरण।
- संदर्भ एवं दिनांक: CA/15/AE/PN-2026/001 (दिनांक: 02 अगस्त, 2026)।

क्या गलतियाँ या उल्लंघन माना जाएगा?
- अनाधिकृत दावा: बिना मान्यता प्राप्त योग्यता और बिना परिषद में पंजीकृत हुए खुद को “वास्तुविद” (Architect) का पद या टाइटल देना।
- फर्जी प्रैक्टिस: छद्म रूप से आर्किटेक्ट बनकर भवन निर्माण, नक्शा पास कराने या परामर्श से जुड़ी सेवाएं देना या प्राप्त करने का प्रयास करना।
- कानूनी उल्लंघन: वास्तुविद अधिनियम, 1972 के नियमों का उल्लंघन कर इस पदवी का दुरुपयोग करना।
कड़े कानूनी दंड और कार्रवाई का प्रावधान
- अधिनियम के तहत कार्रवाई: फर्जीवाड़ा करने वालों पर वास्तुविद अधिनियम, 1972 की धारा 36 एवं 37 के तहत सीधे मामला दर्ज होगा।
- बीएनएस (BNS) की धाराएं: इसके साथ ही भारतीय न्याय संहिता, 2023 (BNS) के तहत आपराधिक मुकदमा और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
- कोर्ट में अभियोजन: नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सक्षम न्यायालय में विधि अनुसार सीधा केस चलाया जाएगा।
अनुशासन एवं सतर्कता प्रोटोकॉल (जनता व विभागों के लिए सलाह)
- पंजीकरण की जांच जरूरी: किसी भी आर्किटेक्ट की सेवाएं लेने या अनुबंध करने से पहले परिषद की आधिकारिक वेबसाइट www.coa.gov.in पर जाकर उनका रजिस्ट्रेशन नंबर और स्थिति जरूर जांचें।
- स्थानीय निकाय में छूट: परिषद में पंजीकृत वैध वास्तुविदों को किसी भी स्थानीय निकाय या प्राधिकरण में अलग से रजिस्ट्रेशन कराने की आवश्यकता नहीं है।
- शिकायत दर्ज कराने की व्यवस्था: यदि कोई फर्जी तरीके से इस पदवी का उपयोग करता पकड़ा जाए, तो CoA वेबसाइट पर मौजूद “Complaints on Misuse of Title ‘Architect'” अनुभाग में शिकायत दर्ज कराएं। शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।



