रामपुरा, केर और चितरोड़ी में अब दूर होगी ओवरलोड की समस्या; लो-वोल्टेज और ट्रिपिंग से जूझते किसानों को भजनलाल सरकार से मिली बड़ी राहत
रानीवाड़ा। विधानसभा क्षेत्र में बरसों से सुचारू बिजली के लिए तरस रहे किसानों और आम उपभोक्ताओं के लिए एक बेहद राहत भरी खबर है। क्षेत्र की चरमराई विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। विधानसभा क्षेत्र के तीन प्रमुख 33/11 केवी जीएसएस— रामपुरा, केर एवं चितरोड़ी पर एक-एक अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर दी गई है।
यह बड़ी कामयाबी पूर्व विधायक एवं भाजपा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष नारायणसिंह देवल के अथक प्रयासों और लगातार की गई पैरवी के बाद हासिल हुई है। इस स्वीकृति के बाद क्षेत्र के किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई है।


देवल की पैरवी लाई रंग: किसानों की पुरानी मांग हुई पूरी
क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे विद्युत भार (लोड़) के कारण ग्रामीण इलाकों में घोषित-अघोषित बिजली कटौती और ट्रिपिंग की समस्या नासूर बन चुकी थी। कृषि सीजन में किसानों की फसलें पानी के अभाव में सूखने की कगार पर पहुंच जाती थीं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्व विधायक नारायणसिंह देवल ने किसानों की इस जायज और लंबे समय से लंबित मांग को जयपुर स्तर पर मजबूती से उठाया था। देवल ने बताया:
“रानीवाड़ा विधानसभा क्षेत्र को बिजली आपूर्ति के मामले में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाना और किसानों के चेहरे पर खुशहाली लाना ही हमारी पहली प्राथमिकता है। बढ़ते लोड को देखते हुए इन तीनों जीएसएस पर अतिरिक्त ट्रांसफार्मर की सख्त जरूरत थी, जिसे प्रदेश की किसान हितैषी सरकार ने मंजूर कर लिया है।”
भजनलाल सरकार की प्राथमिकताओं में है ग्रामीण विकास
पूर्व विधायक देवल ने इस ऐतिहासिक सौगात के लिए राजस्थान की मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सूबे की सरकार गांवों और ढाणियों के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह संकल्पित है। बिजली ढांचे को मजबूत करने की कड़ी में ही यह विशेष स्वीकृति प्रदान की गई है, जो क्षेत्र के कृषि और घरेलू विकास में मील का पत्थर साबित होगी।
💡 इस बड़ी सौगात से क्षेत्र को क्या-क्या होगा फायदा?
इन तीनों जीएसएस पर अतिरिक्त ट्रांसफार्मर स्थापित होने के बाद रानीवाड़ा के विद्युत तंत्र में व्यापक सुधार देखने को मिलेगा। इसके मुख्य फायदे इस प्रकार हैं:
- ट्रिपिंग और ओवरलोड से मुक्ति: अभी तक सिंगल ट्रांसफार्मर पर क्षमता से अधिक लोड होने के कारण बार-बार फ्यूज उड़ने और ट्रिपिंग की समस्या रहती थी, जो अब पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
- लो-वोल्टेज का स्थाई समाधान: आखिरी छोर (टेल) पर बसे किसानों को भी अब पूरा और भरपूर वोल्टेज मिलेगा, जिससे उनकी कीमती मोटरें और पंप जलने से बचेंगे।
- खेती के लिए पर्याप्त बिजली: कृषि सिंचाई के ब्लॉक ऑवर्स में बिना किसी रुकावट के लगातार बिजली मिल सकेगी, जिससे फसलों की पैदावार बढ़ेगी।
- घरेलू उपभोक्ताओं को सुकून: ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू बिजली सप्लाई भी पहले से अधिक सुचारू और बिना रुकावट के मिल पाएगी।
गांवों में बंटी मिठाइयां, देवल और सीएम का जताया आभार
जैसे ही रामपुरा, केर और चितरोड़ी जीएसएस पर अतिरिक्त ट्रांसफार्मर स्वीकृत होने की आधिकारिक सूचना गांवों में पहुंची, ग्रामीण और किसान बड़ी संख्या में चौपालों पर एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर और पटाखे फोड़कर अपनी खुशी का इजहार किया।
स्थानीय किसान नेताओं और ग्रामीणों ने एक सुर में कहा कि पूर्व विधायक नारायणसिंह देवल ने चुनाव हारने के बाद भी जनता के प्रति अपनी जवाबदेही को कम नहीं होने दिया है। उनके इन ‘पावरफुल’ प्रयासों की बदौलत ही क्षेत्र को यह बड़ी सौगात मिली है। ग्रामीणों ने इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए सीएम भजनलाल शर्मा और पूर्व विधायक देवल का सहृदय आभार व्यक्त किया है।



