भीषण गर्मी में बेसहारा गोवंश के लिए जल और पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प; आहोर और सांचोर विधायकों की मौजूदगी में आयोजित हुईं विशेष संगोष्ठियां
जालोर। राज्य सरकार के निर्देशानुसार जिले में आयोजित किए जा रहे ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ के तहत बुधवार को पशुपालन विभाग के तत्वाधान में एक अनूठी मिसाल पेश की गई। जिले की सभी 308 गौशालाओं में एक साथ स्वच्छता कार्यक्रम और पशु चिकित्सा शिविरों का आयोजन किया गया, जिसने ग्रामीण क्षेत्रों में जल और जीव संरक्षण की नई अलख जगाई है।

25 मई से 5 जून तक चलेगा विशेष अभियान
पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. गिरधर सिंह सोढ़ा ने बताया कि प्रदेश भर में 25 मई से 5 जून तक ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ चलाया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार, 27 मई को जिले की 308 गौशालाओं में:
- जल एवं पर्यावरण संरक्षण गतिविधियों का संचालन हुआ।
- सघन स्वच्छता कार्यक्रम चलाए गए।
- पशु चिकित्सा एवं बांझपन निवारण शिविर आयोजित कर गोवंश का उपचार किया गया।
अभियान को गति प्रदान करने के लिए जिलेभर में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में विशेष गोष्ठियों का भी आयोजन किया गया।
जल सेवा से बड़ी कोई सेवा नहीं: विधायक छगनसिंह राजपुरोहित
आहोर कस्बे के जैन समाज गौशाला में विधायक छगनसिंह राजपुरोहित की अध्यक्षता में एक विशाल पशुपालन संगोष्ठी का आयोजन हुआ। इस दौरान उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए विधायक ने कहा:
“इस भीषण गर्मी में जल सेवा से बड़ी कोई दूसरी सेवा नहीं हो सकती। हम सभी का यह दायित्व है कि अपने आस-पास के आवारा और बेसहारा पशुओं का सहारा बनें। हर नागरिक को गर्मियों में मूक पशु-पक्षियों के लिए परिंडे और चाटियां जरूर लगवानी चाहिए।”
बेसहारा पशुओं के प्रति दिखाएं संवेदनशीलता: विधायक जीवाराम चौधरी
उधर, सांचोर के सत्यपुर गौशाला मंडल में आयोजित कार्यक्रम में सांचोर विधायक जीवाराम चौधरी ने शिरकत की। उन्होंने खुद अपने हाथों से गायों को हरा चारा खिलाकर पशु प्रेम का संदेश दिया। विधायक चौधरी ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि इस तपती गर्मी में खुद के साथ-साथ बेसहारा पशुओं का भी विशेष ध्यान रखें और उनके लिए पानी-चारे का प्रबंध करें।
लू और तापघात से बचाव के पुख्ता इंतजाम
कार्यक्रम के दौरान पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक ने गौशाला प्रबंधकों और ग्रामीणों को गोवंश प्रबंधन के महत्वपूर्ण गुर सिखाए। उन्होंने मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी दी:
| प्रमुख बिंदु | विभाग द्वारा दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश |
| जल प्रबंधन | गौशालाओं में वर्षा जल संरक्षण (Rainwater Harvesting) की उचित व्यवस्था व प्रबंधन करना। |
| तापघात से बचाव | गोवंश को भीषण गर्मी, लू और तापघात (Heat Stroke) से बचाने के लिए पर्याप्त एवं ठंडे पेयजल की उपलब्धता। |
| पोषण व उपचार | पशुओं के लिए अनुकूल छाया, पौष्टिक चारा, हरा चारा, मिनरल मिक्सचर और आवश्यक औषधियों की हर समय उपलब्धता सुनिश्चित करना। |



