खिंवाड़ा के गजनीपुरा में चल रहा था हाईटेक ठगी का अड्डा; लैपटॉप में मिले 17 बैंक खाते और अरबों के ट्रांजैक्शन का हिसाब
सर्कल न्यूज़ नेटवर्क पाली/खिंवाड़ा। साइबर ठगी के खिलाफ राजस्थान पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। पाली जिले के खिंवाड़ा थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड रैकेट का पर्दाफाश करते हुए गुजरात के बनासकांठा जिले के चार शातिर युवकों को गिरफ्तार किया है। यह गैंग महज तीन महीनों में 9 करोड़ रुपये से अधिक का अवैध लेनदेन कर चुकी थी।
गजनीपुरा में चल रहा था ‘कॉल सेंटर’ पुलिस सूत्रों के अनुसार, खिंवाड़ा थाना क्षेत्र के गजनीपुरा गांव में अर्जुन सिंह के मकान पर पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापा मारा। यहाँ किराए पर रह रहे चार युवक संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे। पुलिस की रेड के दौरान मौके से 3 लैपटॉप, करीब 20 मोबाइल फोन और भारी मात्रा में बैंकिंग सामग्री बरामद की गई है।
3 महीने में 9 करोड़ का खेल लैपटॉप और मोबाइल की जांच में पुलिस को चौंकाने वाले आंकड़े मिले हैं:
- संदिग्ध पैनल्स: आरोपियों के लैपटॉप में दो संदिग्ध वेबसाइट पैनल खुले मिले।
- खातों का जाल: इन पैनल्स में कुल 17 बैंक खाते लिंक किए गए थे।
- ट्रांजैक्शन: जांच में सामने आया कि 16 सितंबर से 15 दिसंबर के बीच, यानी मात्र 3 महीने में इन खातों के जरिए QR कोड स्कैन करवाकर 9 करोड़ 4 लाख 43 हजार रुपये से ज्यादा का ऑनलाइन ट्रांजैक्शन किया गया।
जब पुलिस ने आरोपियों से इतनी बड़ी रकम के स्रोत के बारे में पूछताछ की, तो वे कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।
कौन है ‘जन्नत भाई’? प्रारंभिक पूछताछ में एक बड़े मास्टरमाइंड का नाम सामने आया है। गिरफ्तार युवकों ने बताया कि वे ‘जन्नत भाई’ नामक व्यक्ति के लिए काम करते थे। यह व्यक्ति उन्हें इस काम के बदले फिक्स सैलरी (वेतन) देता था। पुलिस अब इस ‘जन्नत भाई’ की तलाश में जुट गई है, जो इस रैकेट का सरगना हो सकता है।
गुजरात के बनासकांठा से जुड़े हैं तार पकड़े गए चारों आरोपी गुजरात के बनासकांठा जिले के डीसा और धानेरा क्षेत्र के रहने वाले हैं और उनकी उम्र महज 19 से 21 वर्ष के बीच है। आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:
- अल्पेश भरतभाई ठाकोर
- चिराग प्रवीणभाई सोलंकी
- ठाकोर अजयकुमार रमेशभाई
- ठाकोर राहुलभाई पंजीभाई
4 दिन का रिमांड पुलिस ने चारों आरोपियों को देसूरी कोर्ट में पेश किया, जहाँ से उन्हें 4 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस अब इनके नेटवर्क, ‘जन्नत भाई’ की लोकेशन और ठगी के शिकार हुए लोगों के बारे में गहन पूछताछ कर रही है।



