17 से 24 दिसंबर तक हर भू-अभिलेख निरीक्षक वृत्त पर ‘ग्रामीण सेवा शिविर’ के फॉलोअप कैंप, सरकार ने जारी किए आदेश
Circle News Network @ जयपुर आमजन को राहत देने और ‘सरकार आपके द्वार’ की संकल्पना को साकार करने वाली राजस्थान की वर्तमान सरकार अपने स्वर्णिम कार्यकाल के दो वर्ष पूर्ण करने जा रही है। संवेदनशीलता और सुशासन की नई मिसाल पेश करते हुए सरकार ने ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए एक और ऐतिहासिक कदम उठाया है। सरकार ने निर्णय लिया है कि दो साल पूरे होने के उपलक्ष्य में ‘ग्रामीण सेवा शिविरों’ के फॉलोअप कैंप लगाए जाएंगे, ताकि कोई भी ग्रामीण न्याय और सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।
तारीख और समय का ऐलान: काम खत्म होने तक जारी रहेंगे शिविर राजस्व विभाग (ग्रुप-5) द्वारा जारी परिपत्र के अनुसार, ये फॉलोअप शिविर 17 दिसंबर 2025 से 24 दिसंबर 2025 तक आयोजित होंगे (21 दिसंबर को अवकाश रहेगा)।
- शिविरों का समय सुबह 10:00 बजे से शाम 05:00 बजे तक तय किया गया है।
- सरकार ने अधिकारियों को सख्त और संवेदनशील निर्देश दिए हैं कि यदि शाम 5 बजे तक काम अधूरा रहता है, तो जब तक अंतिम व्यक्ति का काम नहीं हो जाता, शिविर का समापन नहीं किया जाएगा।
हर वृत्त पर लगेगा कैंप, ‘सेम डे’ निपटारे पर जोर ये शिविर राज्य के प्रत्येक भू-अभिलेख निरीक्षक (ILR) वृत्त मुख्यालय पर पंचायत भवन, स्कूल या सार्वजनिक स्थानों पर लगेंगे। सरकार का स्पष्ट विजन है कि जो भी व्यक्ति उम्मीद लेकर शिविर में आए, उसका काम उसी दिन (Same Day) पूरा किया जाए। इन कैंपों में न केवल पिछले शिविरों के लंबित प्रकरण निपटाए जाएंगे, बल्कि मौके पर आने वाले नए मामलों का भी तत्काल समाधान किया जाएगा।
कलेक्टर होंगे जिम्मेदार, ऑनलाइन होगी मॉनिटरिंग शिविरों के सफल क्रियान्वयन की पूरी जिम्मेदारी जिला कलेक्टर की होगी। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आईटी विभाग के ‘ग्रामीण सेवा शिविर’ पोर्टल पर हर दिन की प्रगति रिपोर्ट अपलोड की जाएगी। राज्य स्तर पर एक विशेष समन्वय प्रकोष्ठ (Control Room) का गठन किया गया है, जिसमें वरिष्ठ अधिकारी निगरानी रखेंगे।
जनप्रतिनिधियों की रहेगी सक्रिय भागीदारी लोकतंत्र के इस उत्सव में जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सांसदों, विधायकों, प्रधान और सरपंचों को विशेष रूप से सूचित किया जाएगा। शिविरों के आयोजन और प्रचार-प्रसार में सोशल मीडिया और स्थानीय माध्यमों का पूरा उपयोग किया जाएगा, ताकि सरकार की जन-कल्याणकारी नीतियों का लाभ अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुँच सके।



