चितलवाना।
शहीद-ए-आज़म भगतसिंह की जयंती पर चितलवाना का माहौल जज़्बात और जज़्बे से लबरेज़ नज़र आया। प्रगतिशील विचार मंच सांचौर व राजकीय महाविद्यालय चितलवाना के संयुक्त तत्वावधान में मनाई गई 118वीं जयंती में छात्रों, शिक्षकों और सामाजिक संगठनों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों ने भगतसिंह की तसवीर पर माल्यार्पण और फूलों की अंजुमन पेश कर की, जिसके बाद पूरा हाल तालियों की गड़गड़ाहट और “इंक़लाब ज़िंदाबाद” के नारों से गूंज उठा।
अतिथियों का पैग़ाम
इस मौके पर मुख्य अतिथि महादेवा राम देवासी (उप प्रधान रानीवाड़ा) ने कहा कि भगतसिंह जैसे क्रांतिकारी ने महज़ 23 साल की उम्र में हंसते-हंसते फांसी के तख़्ते को चूम लिया, और यह मिसाल हमेशा नौजवानों को जज़्बा देती रहेगी।
ईशराराम बिश्नोई (जिला अध्यक्ष संयुक्त किसान मोर्चा) ने कहा कि अंग्रेज़ों से तो आज़ादी मिल गई, मगर आज भी भ्रष्टाचार, बेरोज़गारी, भूखमरी और शोषण से आज़ादी पाना बाकी है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता राणा राम बिश्नोई ने की। उन्होंने कहा कि भगतसिंह सिर्फ एक क्रांतिकारी ही नहीं बल्कि एक मफ़क्क़िर (विचारक) और वैज्ञानिक सोच रखने वाले शख्सियत थे, जिनकी सोच आज भी हमारे लिए रहनुमा है।

सहायक प्रोफेसर नरेश सारण ने कहा कि भगतसिंह कोई शख्स नहीं बल्कि एक नज़रिया हैं, एक ऐसा विचार जो आज भी इंसाफ़, समानता और भाईचारे का पैग़ाम देता है। मकाराम चौधरी (जिला मंत्री संयुक्त किसान मोर्चा) ने नौजवानों और मेहनतकश वर्ग की बदहाल हालत पर चिंता जताते हुए BNEGA – भगतसिंह राष्ट्रीय रोजगार गारंटी एक्ट लागू करने की मांग की।
रंग-ओ–नूर से सजी प्रतियोगिताएं
इस मौक़े पर कॉलेज में पेंटिंग और भाषण प्रतियोगिता भी रखी गई, जिसमें छात्रों ने “भगतसिंह के सपनों का भारत” विषय पर शानदार तक़रीर पेश की।
चित्रकला में नवीन कुमार (राउमावि सिवाड़ा) प्रथम, भंवरी कुमारी व भावना कुमारी (महाविद्यालय चितलवाना) द्वितीय व तृतीय रहीं।
भाषण प्रतियोगिता में पूजा कुमारी (राउमावि सिवाड़ा) और विष्णु कुमार (महाविद्यालय चितलवाना) ने संयुक्त रूप से पहला स्थान हासिल किया।
द्वितीय स्थान रामदयाल (महाविद्यालय चितलवाना) और तृतीय स्थान प्रकाश गोयल (डूंगरी) के नाम रहा।
विजेताओं को प्रगतिशील विचार मंच सांचौर की ओर से नकद राशि, प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर नवाज़ा गया।

जज़्बा-ए-इंक़लाब से निकली रैली
सभा के बाद आल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन के नेतृत्व में मुख्य बाज़ार से एक विशाल रैली निकाली गई, जिसमें हाथों में बैनर और तख्तियां लिए विद्यार्थियों ने “इंक़लाब ज़िंदाबाद” के नारों से माहौल को पूरी तरह जोशीला बना दिया।
सभी शख्सियतें रहीं मौजूद
इस मौके पर बाबूलाल जाट (उपसरपंच गुड़ा हेमा), पूनमाराम साऊ (रिटायर्ड सुबेदार मेजर), धीमाराम खिलेरी, जगदीश (पीईईओ हेमागुड़ा), लादूराम भादू, पीसी डारा, पदमाराम सोलंकी (पूर्व प्रधानाचार्य), लालाराम सुथार (व्याख्याता), ज्वारा राम माली, किसान सभा सांचौर अध्यक्ष भाखराराम साऊ, ग्राम इकाई चितलवाना अध्यक्ष भाखराराम गोदारा, भाखराराम सारण सहित कई गणमान्य नागरिक, शिक्षक और विद्यार्थी मौजूद रहे।
मंच संचालन घेवरचंद (शा. शिक्षक) ने किया।
इंक़लाब आज भी ज़िंदा है
कार्यक्रम के अंत में आयोजन समिति के सदस्य विरद सिंह चौहान ने तमाम छात्रों और अतिथियों का शुक्रिया अदा किया और कहा कि यह सिर्फ एक जयंती का उत्सव नहीं, बल्कि भगतसिंह के ख़्वाबों को पूरा करने का संकल्प है।
चितलवाना का यह पैग़ाम साफ़ था – इंक़लाब आज भी ज़िंदा है और रहेगा जब तक अन्याय और शोषण मिट नहीं जाता।



