रानीवाड़ा। क्षेत्र के ग्रामीणों ने सोलर एनर्जी प्लांट से सब-स्टेशन तक डाली जा रही विद्युत लाइन की दिशा, सुरक्षा मानकों के उल्लंघन, ROW (Right of Way) का भंग, अवैध पेड़ कटाई और किसानों की भूमि में जबरदस्ती घुसपैठ को लेकर उपखंड अधिकारी को शिकायत की है।

ग्रामीणों का कहना है कि जबकि सोलर प्लांट और सब-स्टेशन एक सीधी रेखा में हैं, विद्युत लाइन को जानबूझकर ऐसी दिशा में मोड़ा गया है, जिससे वह दो बार मुख्य सड़क मार्ग को पार करती है। यह मार्ग संवेदनशील है क्योंकि यहाँ होटल, दुकानें, स्कूल और अस्पताल जैसी सार्वजनिक सुविधाएं हैं।
साथ ही, पहले से मौजूद 11kV लाइन के समानांतर नई लाइन डालना न केवल गैरजरूरी है, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी खतरनाक है। लाइन सड़क के मात्र तीन फीट की दूरी पर डाली जा रही है, जो ROW नीति का उल्लंघन है। इससे ट्रैफिक बाधित होने के साथ दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सोलर कंपनी ने बिना अनुमति कई किसानों की जमीन में घुसकर पेड़ काटे और बाड़ तोड़ी, जबकि इस मामले की सूचना तहसीलदार को दी गई थी। बावजूद इसके कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
सबसे गंभीर बात यह है कि 2 जुलाई को बिना जनसुनवाई या नोटिस के जबरन लाइन खींचने का प्रयास किया गया और विरोध करने पर महिलाओं के साथ अभद्रता भी हुई। ग्रामीण जानना चाहते हैं कि यह दबाव किसके आदेश पर था और क्या इस कार्य के लिए कोई वैध अनुमति मिली है।
ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी से मांग की है कि:
- विद्युत लाइन की दिशा की सुरक्षा समीक्षा की जाए।
- कार्य के लिए प्राप्त NOC और स्वीकृति आदेश सार्वजनिक किए जाएं।
- अवैध पेड़ कटाई और जमीन में घुसपैठ के लिए कार्रवाई की जाए।
- ROW उल्लंघन पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कदम उठाए जाएं।
- महिलाओं के साथ अभद्रता करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो।
- भविष्य में ऐसी जबरदस्ती न हो, इसकी प्रशासनिक गारंटी दी जाए।
यह मामला प्रशासनिक लापरवाही और ग्रामीणों के अधिकारों के उल्लंघन का गंभीर उदाहरण है, जिसे जल्द से जल्द सुलझाने की आवश्यकता है।
रिपोर्टर: रविंद्र सिंह उमट
स्थान: रानीवाड़ा
प्रकाशित: सर्कल न्यूज, 13 जुलाई 2025



