जालोर जिले में राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत ने वीरमदेव कान्हड़देव चौहान पैनोरमा के निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य को गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। करीब 4 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह पैनोरमा वीरमदेव और कान्हड़देव की वीरता और इतिहास को जन-जन तक पहुंचाने का काम करेगा।

इतिहास और संस्कृति को जीवंत रूप देने की पहल
राजस्थान धरोहर प्राधिकरण द्वारा जालोर के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक गौरव को संजोने के उद्देश्य से यह पैनोरमा तैयार किया जा रहा है। इसमें न सिर्फ वीरमदेव और कान्हड़देव की शौर्य गाथा को दर्शाया जाएगा, बल्कि जालोर की अमूल्य विरासत की झलक भी देखने को मिलेगी।
विशेषज्ञ इंजीनियरों के सहयोग से हो रहा निर्माण
लखावत ने बताया कि निर्माण कार्य शुरू हो चुका है, और नींव में पानी की समस्या को दूर करने के लिए जयपुर से आए विशेषज्ञ इंजीनियरों की मदद ली जा रही है। निर्माण कार्य अप्रूव्ड डिजाइन के अनुरूप किया जा रहा है, ताकि यह भव्य पैनोरमा मजबूती के साथ तैयार हो सके।

शिक्षा में वीरता का समावेश जरूरी
लखावत ने इस मौके पर वीरमदेव के योगदान को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राजस्थान की आने वाली पीढ़ियों को इन महान योद्धाओं के साहस, नेतृत्व और मूल्यों से प्रेरणा लेनी चाहिए।
इस पैनोरमा का निर्माण जालोर की इतिहास प्रेमी जनता और भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण धरोहर साबित होगा, जो राजस्थान की गौरवशाली परंपरा को समृद्ध करेगा।



