स्थापना दिवस पर उमड़ा जनसैलाब; जिलाध्यक्ष रमिला मेघवाल के नेतृत्व में पैदल मार्च निकालकर भाजपा सरकार की नीतियों पर किया कड़ा प्रहार। अरावली को खनन माफियाओं से बचाने का लिया संकल्प।
स्थापना दिवस और संघर्ष का शंखनाद
जालौर। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के स्थापना दिवस के अवसर पर आज जालौर जिला मुख्यालय पर भारी उत्साह और संघर्ष का नजारा देखने को मिला। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार जिलाध्यक्ष रमिला मेघवाल के नेतृत्व में राजीव गांधी भवन में सुबह 11:00 बजे ध्वजारोहण के साथ कार्यक्रम का आगाज हुआ। इस दौरान आयोजित विचार गोष्ठी में कांग्रेसजनों ने पार्टी के स्वर्णिम इतिहास और देश के निर्माण में इसके ऐतिहासिक योगदान पर चर्चा की।

पैदल मार्च: "अरावली है राजस्थान की जीवनरेखा"
दोपहर 12:00 बजे कांग्रेस कार्यालय से एक विशाल जन-जागरण रैली और पैदल मार्च निकाला गया। यह रैली हॉस्पिटल चौराया और हरिदेव जोशी सर्किल होते हुए भाजपा सरकार के विरुद्ध गगनभेदी नारेबाजी के साथ गांधी चौक मुख्य बाजार पहुंची। वहां महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर एक सभा का आयोजन किया गया।

सभा को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष रमिला मेघवाल ने भाजपा सरकार पर तीखे हमले किए:
- अरावली पर खतरा: अरावली पर्वतमाला प्रदेश की जीवनरेखा और आस्था का केंद्र है, जिसे भाजपा सरकार षड्यंत्र रचकर खनन माफियाओं और अपने उद्योगपति मित्रों के हवाले करना चाहती है। कांग्रेस इसे बचाने के लिए कृत संकल्प है।
- मनरेगा को खत्म करने की साजिश: केंद्र सरकार द्वारा नरेगा को निरस्त करने के लिए विधेयक लाना अत्यंत चिंताजनक है। महात्मा गांधी का नाम हटाना और रोजगार गारंटी को समाप्त करना गरीबों के पेट पर लात मारने जैसा है।

प्रमुख नेताओं की मौजूदगी और एकजुटता
जिला प्रवक्ता योगेंद्र सिंह कुम्पावत ने बताया कि इस जन-आंदोलन में जिले के तमाम वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता एकजुट नजर आए। कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख चेहरे:
- वरिष्ठ नेतृत्व: पूर्व जिलाध्यक्ष भवरलाल मेघवाल, आहोर प्रत्याशी सरोज चौधरी, नैन सिंह राजपुरोहित, सवाराम पटेल, ईशराराम विश्नोई।
- संगठन पदाधिकारी: महिला जिलाध्यक्ष संतोष कंवर, एस सी जिलाध्यक्ष खसाराम मेघवाल, अल्पसंख्यक जिलाध्यक्ष जाकिर अली, वीरेन्द्र जोशी।
- कार्यकर्ता एवं नेता: जुल्फिकार अली, जितेन्द्र कसाना, भोमाराम मेघवाल, सवाई सिंह चंपावत, गजेन्द्र सिंह डोडियाली, मेवाराम देवासी, सुरेंद्र दवे, रमेश सोलंकी, बसंत सुथार, लक्ष्मण सिंह सांखला, दीपक थांवला, और मांगीलाल भील सहित सैकड़ों कांग्रेसजन।
जालौर की सड़कों पर आज कांग्रेस का यह शक्ति प्रदर्शन केवल एक रैली नहीं, बल्कि प्रदेश की संपदा और गरीबों के रोजगार की रक्षा के लिए एक निर्णायक लड़ाई का आगाज था। कांग्रेस ने साफ संदेश दिया है कि जनविरोधी नीतियों के खिलाफ उनका यह आंदोलन अब और तेज होगा।







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