रानीवाड़ा, (सर्कल न्यूज़ नेटवर्क)। गुजरात सीमा से सटे रानीवाड़ा कस्बे में इन दिनों श्रावण मास में दशामाता के व्रत और गरबों का पर्व अपने पूरे यौवन पर है। यह पवित्र त्यौहार यहाँ की सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक आस्था का जीवंत प्रमाण बन गया है, जहाँ हर कोना भक्ति और पारंपरिक लोक धुनों से गुंजायमान है। महिलाएं और युवतियां गरबा नृत्य के माध्यम से अपनी श्रद्धा व्यक्त कर रही हैं।
सरकारी हाईस्कूल के सामने भव्य आयोजन, भामाशाहों का सम्मान
रानीवाड़ा के सरकारी हाईस्कूल के सामने स्थित वैष्णव कंपाउंड में गरबों का एक भव्य और जोरदार आयोजन किया जा रहा है। यहाँ प्रतिदिन शाम ढलते ही आस-पास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गरबा प्रेमी उमड़ पड़ते हैं। रंग-बिरंगे परिधानों में सजी महिलाएं और युवतियां पारंपरिक गरबा गीतों पर थिरकती नजर आ रही हैं, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा है।
इस आयोजन की एक खास बात यह है कि बेहतरीन गरबा नृत्य प्रस्तुत करने वाले कलाकारों को स्थानीय भामाशाहों द्वारा सम्मानित किया जा रहा है, जिससे प्रतिभागियों का उत्साह और भी बढ़ जाता है। यह पहल कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ-साथ समुदाय में सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर रही है।
प्रसिद्ध हस्तियों और भक्तों की सक्रिय भागीदारी
दशामाता के इस पावन पर्व पर आयोजित गरबा कार्यक्रमों में अनेक जानी-मानी हस्तियों और उत्साही भक्तों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है। इनमें भूवाजी प्रभुजी देवासी, हनवंत वैष्णव, रविशंकर वैष्णव, पवनीबाई कोटड़ा, प्रसिद्ध नरेश सिंगर, मेवाभाई देवासी, सुनील माहेश्वरी, हनुमान भक्त वसंत प्रजापत, नगर सेठ विजय जे. जैन, नरपतसिंह राव, भीमसिंह राव, रमेश, कृष्णसिंह, प्रतापसिंह राव, अर्जुनभाई, मनोहर भाई सहित कई गणमान्य नागरिक और पर्यावरण प्रेमी शामिल हैं। इन सभी की उपस्थिति से आयोजन को और भी गरिमा प्राप्त हो रही है।
दशामाता का व्रत विशेष रूप से सुख-समृद्धि और परिवार के कल्याण के लिए किया जाता है। माना जाता है कि इस व्रत के पालन से घर में सुख-शांति आती है और आर्थिक दशा सुधरती है। गरबा नृत्य इस पर्व का अभिन्न अंग है, जो गुजरात और राजस्थान की लोक संस्कृति का अद्भुत मिश्रण प्रस्तुत करता है।
यह आयोजन रानीवाड़ा की सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक धरोहर को और भी समृद्ध कर रहा है, जहाँ हर वर्ग के लोग एक साथ आकर इस उत्सव में उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं।



