पर्यटन विभाग और ट्रस्ट ने संभाला मोर्चा: जालोर के सबसे बडे धार्मिक स्थल को ‘एक जिला-एक पर्यटन स्थल’ के रूप में मिली है पहचान
जालोर/सुंधा माता @ सर्कल न्यूज नेटवर्क राज्य सरकार के दो वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने के उपलक्ष्य में ‘2 साल: नव उत्थान-नई पहचान, बढता राजस्थान-हमारा राजस्थान’ अभियान के तहत बुधवार को जालोर जिले के प्रमुख तीर्थ स्थल सुंधा माता मंदिर में विशेष हलचल देखने को मिली। मौका था ‘पंच गौरव’ कार्यक्रम का, जिसके तहत प्रशासनिक अधिकारियों और ट्रस्ट ने मिलकर मंदिर परिसर में व्यापक सफाई अभियान चलाया।

पर्यटन स्वागत केंद्र, आबू पर्वत के सहायक निदेशक भैरूसिंह ने बताया कि सरकार की मंशा के अनुरूप जालोर जिले में ‘पंच गौरव’ कार्यक्रम के तहत सुंधा माता मंदिर को ‘एक जिला-एक पर्यटन स्थल’ (One District-One Tourist Spot) के रूप में चिन्हित किया गया है। इसी कडी में बुधवार को पर्यटन विभाग, सुंधा माता मंदिर ट्रस्ट और स्थानीय पंचायत दल ने मिलकर श्रमदान किया और मंदिर परिसर को चकाचक किया।
क्या है ‘पंच गौरव’ योजना? अक्सर लोग पूछते हैं कि आखिर यह ‘पंच गौरव’ क्या है? दरअसल, राज्य सरकार ने हर जिले के प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों को विकसित करने के लिए यह अनूठी पहल शुरू की है। इसके तहत जिले के 5 सबसे प्रमुख स्थानों (पंच गौरव) का चयन किया जाता है। जालोर जिले में सुंधा माता मंदिर को इस सूची में शीर्ष स्थान पर रखा गया है, ताकि इसका सर्वांगीण विकास हो सके।

सुंधा माता को क्या होगा फायदा? (बदलाव के मायने) इस योजना में शामिल होने और सफाई अभियान जैसे कार्यक्रमों से सुंधा माता धाम को कई बडे फायदे होंगे:
- राष्ट्रीय पहचान: ‘एक जिला-एक पर्यटन स्थल’ बनने से सुंधा माता मंदिर की ब्रांडिंग अब राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर होगी।
- फंड की कमी नहीं: पंच गौरव स्थल होने के नाते यहां सुविधाओं के विस्तार (सडक, पानी, पार्किंग, रोप-वे सुविधा विस्तार) के लिए सरकार से विशेष बजट आवंटित होगा।
- पर्यटकों की बढेगी आमद: साफ-सफाई और बेहतर मार्केटिंग से यहां श्रद्धालुओं के साथ-साथ पर्यटकों की संख्या बढेगी, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
- इंफ्रास्ट्रक्चर विकास: केवल मंदिर ही नहीं, आसपास के पहाडी क्षेत्र में ईको-टूरिज्म को भी बढावा मिलेगा।

इनका रहा सहयोग इस विशेष सफाई अभियान में पर्यटन विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ सुंधा माता मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों, कार्मिकों और ग्राम पंचायत की टीम ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। सभी ने संकल्प लिया कि वे इस पवित्र धाम की स्वच्छता को निरंतर बनाए रखेंगे।



