रानीवाड़ा विधायक रतन देवासी ने बुलंद की पिछड़े वर्गों की आवाज, कहा— हर वर्ग को हक और सम्मान दिलाना ही हमारा मुख्य संकल्प
राजस्थान की राजनीति में पिछड़े वर्गों (Oबीसी) की हिस्सेदारी और उनके सशक्तिकरण को लेकर जयपुर के राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (RIC) में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। ‘राजस्थान OBC कांग्रेस सलाहकार परिषद’ की इस विशेष बैठक में सूबे के तमाम दिग्गज नेताओं सहित रानीवाड़ा के लोकप्रिय विधायक रतन देवासी ने सक्रिय रूप से भाग लिया। बैठक का मुख्य फोकस ओबीसी समाज के अधिकारों की रक्षा, उनकी राजनीतिक व सामाजिक हिस्सेदारी बढ़ाने और उनके तीव्र सशक्तिकरण पर केंद्रित रहा।
मंच पर जुटे कांग्रेस के शीर्ष सिपहसालार इस रणनीतिक बैठक में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ओबीसी विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल जय हिंद, राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. चंद्रभान, और कांग्रेस ओबीसी विभाग के प्रदेश अध्यक्ष हरसाय यादव सहित परिषद के तमाम सम्मानीय सदस्य मौजूद रहे। नेताओं ने एक सुर में कहा कि कांग्रेस पार्टी का इतिहास हमेशा से सामाजिक न्याय का रहा है और पार्टी अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को उसका वाजिब हक दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
विधायक रतन देवासी ने रखा दमदार पक्ष बैठक के दौरान रानीवाड़ा विधायक रतन देवासी ने क्षेत्र और प्रदेश के ओबीसी वर्ग की जमीनी समस्याओं और उनकी उम्मीदों को पुरजोर तरीके से मंच पर साझा किया। उन्होंने कहा, "कांग्रेस पार्टी हमेशा से सामाजिक न्याय के सिद्धांत पर चली है। समाज के हर वर्ग के हक की लड़ाई लड़ना और उन्हें मुख्यधारा में लाकर उचित सम्मान दिलाना ही हमारा मुख्य संकल्प है। जब तक हर वर्ग को आनुपातिक प्रतिनिधित्व और अधिकार नहीं मिल जाते, हमारा संघर्ष जारी रहेगा।"

रणनीति और आगामी रूपरेखा पर मंथन सूत्रों के अनुसार, आगामी चुनावों और संगठनात्मक मजबूती को देखते हुए इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। बैठक में केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ ओबीसी समाज को लामबंद करने, जातिगत जनगणना के मुद्दे को जन-जन तक पहुंचाने और राज्य स्तर पर ओबीसी कल्याण की योजनाओं को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू करवाने की रणनीति पर भी गंभीर चर्चा हुई। डोटासरा और अनिल जय हिंद ने कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे गांव-ढाणी तक जाकर कांग्रेस की सामाजिक न्याय की नीतियों का प्रचार-प्रसार करें।

इस बैठक के बाद से राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है, और इसे राजस्थान में ओबीसी वोट बैंक को और अधिक मजबूती से कांग्रेस के पाले में लाने की एक बड़ी कवायद के रूप में देखा जा रहा है।







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