रानीवाड़ा स्थित जालोर-सिरोही दूध उत्पादक सहकारी संघ (डेयरी) इन दिनों भ्रष्टाचार, भारी अनियमितताओं और करोड़ों के घाटे के दलदल में धंस चुकी है। स्थिति इतनी बिगड़ चुकी है कि डेयरी में सालों से चुनी हुई निर्वाचित बॉडी (संचालक मंडल) ही गायब है और पूरा प्रशासन जिला कलेक्टर के भरोसे चल रहा है। डेयरी कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार का खामियाजा सीधे तौर पर इलाके के उन गरीब पशुपालकों और किसानों को भुगतना पड़ रहा है, जिनकी दिन-रात की मेहनत का दूध भाव और बकाया पेमेंट महीनों से अटका पड़ा है।
दूध बेचकर परिवार पालने वाले किसान पाई-पाई के लिए तरस रहे हैं, जबकि अंदरखाने भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी होती जा रही हैं। इसी लूट और तानाशाही के खिलाफ अब किसानों के सब्र का बांध टूट चुका है। कल 28 तारीख को रानीवाड़ा डेयरी मुख्यालय पर दोपहर 1:00 बजे एक विशाल किसान आंदोलन का बिगुल बजने जा रहा है, जहां हजारों दूध उत्पादक एकत्र होकर अपने हक, बकाये भुगतान और डेयरी के गिरते अस्तित्व को बचाने के लिए आर-पार की लड़ाई का ऐलान करेंगे।










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