'चेहरा ही प्रमाण पत्र': पाली और जोधपुर में दिखी फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक की धूम, वरिष्ठ पेंशनभोगियों को घर बैठे मिल रही सेवा
जोधपुर/पाली। केंद्र सरकार के पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग द्वारा पेंशनभोगियों के जीवन को आसान बनाने की दिशा में चलाया जा रहा राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (DLC) अभियान 4.0 इस वर्ष रिकॉर्ड तोड़ सफलता की ओर अग्रसर है। 1 से 30 नवंबर 2025 तक चलने वाला यह अभियान देश के 2,000 से अधिक शहरों और कस्बों में 'सैचुरेशन एप्रोच' के साथ चल रहा है।

इस पहल के तहत, जोधपुर संभाग (जिसमें पाली और जालौर ज़िले आते हैं) में भी डीएलसी 4.0 ने ज़ोर पकड़ लिया है। अभियान के दौरान इस वर्ष 2 करोड़ से अधिक डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (DLC) जेनरेट करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है।
'चेहरा प्रमाणीकरण' तकनीक का कमाल
इस अभियान की सबसे बड़ी खासियत 2021 में शुरू की गई आधार-आधारित फेस ऑथेंटिकेशन (चेहरा प्रमाणीकरण) तकनीक है। यह तकनीक पेंशनभोगियों को केवल अपने स्मार्टफोन का उपयोग करके, घर बैठे आराम से, बिना किसी बैंक या सरकारी दफ्तर गए, अपना जीवन प्रमाणपत्र जमा करने में सक्षम बनाती है।
पाली और जोधपुर में अभियान की समीक्षा
अभियान की प्रगति और ज़मीनी हकीकत जानने के लिए, विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने 20 और 21 नवंबर को ज़मीनी स्तर पर दौरा किया।
- 20 नवंबर (पाली): अधिकारी ने पाली में आयोजित डीएलसी कैंप का दौरा किया। यहाँ कलेक्ट्रेट शाखा, पाली मारवाड़ शाखा, मारवाड़ जंक्शन और मुख्य पोस्ट ऑफिस में शिविर लगे, जहाँ पेंशनभोगियों को फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से डीएलसी जेनरेट करने में सीधे सहायता प्रदान की गई।
- 21 नवंबर (जोधपुर): अधिकारी ने जोधपुर में चल रहे अभियान 4.0 की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने बैंक ऑफ बड़ौदा की कुड़ी भगतासनी, विश्वविद्यालय मार्ग, चोपासनी हाउसिंग बोर्ड, पाल रोड शाखाओं का दौरा किया और प्रधान डाकघर भी गए। बैंक ऑफ बड़ौदा की मुख्य शाखा में उन्होंने पेंशनभोगियों और बैंक कर्मचारियों से बातचीत कर उनकी सक्रिय भागीदारी की सराहना की।
वरिष्ठ नागरिकों को डोरस्टेप सुविधा
अभियान के तहत, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) ने विशेष रूप से अति-वरिष्ठ और दिव्यांग पेंशनभोगियों के लिए डोरस्टेप डीएलसी सेवाएं प्रदान करके उन्हें बड़ी राहत दी है। इसके अलावा, बैंकों, पेंशनभोगी संघों और क्षेत्रीय कार्यालयों ने मिलकर जागरूकता शिविर आयोजित किए और मौके पर सहायता दी।
विभाग ने दोहराया है कि एनआईसी डीएलसी पोर्टल के माध्यम से दैनिक प्रगति पर रीयल-टाइम निगरानी की जा रही है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कोई भी पात्र पेंशनभोगी डिजिटल सशक्तिकरण की इस लहर से वंचित न रहे।







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