बालोतरा के सिवाना में बाड़े के पीछे लहलहा रहा था नशा; इंटरनेट से सीखी थी खेती, आरोपी हरजीराम गिरफ्तार
बालोतरा/जयपुर। राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ ‘ऑपरेशन शस्यविषम’ चलाकर तस्करी के साम्राज्य पर करारी चोट की है। एडीजी दिनेश एम.एन. के निर्देशन और आईजी विकास कुमार के नेतृत्व में टीम ने बालोतरा जिले के सिवाना थाना क्षेत्र के कांखी सरहद में दबिश देकर करीब सवा करोड़ रुपये कीमत की अवैध अफीम की फसल को नष्ट किया है। पुलिस ने मौके से 2428 अफीम के पौधे बरामद कर कुख्यात तस्कर हरजीराम को दबोच लिया है।
सफेद चादर के पीछे छिपा था ‘काला साम्राज्य’
पकड़ा गया आरोपी हरजीराम पिछले 10 साल से डोडा-पोस्त का आदी है। उसने मोटा मुनाफा कमाने के लिए सिवाना इलाके में जमीन खरीदी और रिजका, बाजरी व अरंडी की फसल के बीच में पर्दे की आड़ लेकर अफीम उगाई थी। टीम जब मौके पर पहुंची, तो खेत में एक बड़े घर के पीछे सफेद चादर का पर्दा लगा मिला। उसे हटाने पर करीब 2600 वर्ग मीटर में फैली अफीम की लहलहाती फसल देख अधिकारी भी हैरान रह गए।

गूगल-यूट्यूब से बना ‘जहरीला’ किसान
पूछताछ में सामने आया कि मूल रूप से जालौर के बागोड़ा का रहने वाला हरजीराम चाय की दुकान खोलने सिवाना आया था, लेकिन खुद नशे की दलदल में फंस गया। उसने इंटरनेट के माध्यम से अफीम उगाने का तरीका सीखा। जिस रेतीली मिट्टी और जलवायु में अफीम का उगना असंभव माना जाता है, वहां आरोपी ने विशेष खाद और तकनीक का इस्तेमाल कर जहरीली फसल खड़ी कर दी।
करोड़ों का था गणित
वैज्ञानिक आकलन के अनुसार, इन पौधों से करीब 21 किलो अफीम और 1.5 क्विंटल डोडा चूरा तैयार होता, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 1.25 करोड़ रुपये आंकी गई है। आईजी विकास कुमार ने बताया कि ‘शस्य’ का अर्थ फसल और ‘विष’ का अर्थ जहर है, इसीलिए इस गुप्त खेती को नष्ट करने के अभियान को ‘ऑपरेशन शस्यविषम’ नाम दिया गया।
गिरफ्तार आरोपी का विवरण
- नाम: हरजीराम पुत्र नानजीराम
- जाति: माली
- निवासी: मालियों का वास, धुम्बड़िया, थाना बागोड़ा (जालौर)
- हाल निवासी: कांखी, थाना सिवाना (बालोतरा)
जनता से अपील
ANTF ने आमजन से अपील की है कि मादक पदार्थों से जुड़ी कोई भी जानकारी कंट्रोल रूम नंबर 0141-2502877 या व्हाट्सएप नंबर 9001999070 पर साझा करें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।



