लगातार हो रहे पेपर लीक से छात्रों का भविष्य अंधकारमय, उग्र आंदोलन की दी चेतावनी
जालौर। देश और राज्य में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों के विरोध में आज एनएसयूआई जालौर के तत्वावधान में जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया गया। एनएसयूआई जिला अध्यक्ष सुष्मिता गर्ग के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं और आक्रोशित छात्रों ने पैदल मार्च निकालकर भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान कलेक्ट्रेट के बाहर उग्र प्रदर्शन करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया गया और सरकार के खिलाफ अपना रोष प्रकट किया। इसके बाद जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री व राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर व्यवस्था में सुधार की मांग की गई।

परीक्षा प्रणाली और पारदर्शिता पर खड़े हुए गंभीर सवाल
जिला कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में एनएसयूआई ने बताया कि NEET परीक्षा सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्न पत्र लगातार लीक हो रहे हैं। इससे सालों तक दिन-रात मेहनत करने वाले लाखों ईमानदार अभ्यर्थियों का भविष्य अंधकारमय हो गया है। वर्षों की कठिन तैयारी के बावजूद युवाओं का विश्वास अब देश की परीक्षा प्रणाली से पूरी तरह उठता जा रहा है। इन घटनाओं के कारण योग्य अभ्यर्थियों को भारी मानसिक तनाव, आर्थिक नुकसान और बेरोजगारी का सामना करना पड़ रहा है, जो कि पूरी भर्ती व्यवस्था की पारदर्शिता पर एक बड़ा कलंक है।
एनएसयूआई ने प्रशासन के समक्ष रखीं ये प्रमुख मांगें:
- त्वरित जांच: पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष एवं समयबद्ध तरीके से त्वरित जांच कराई जाए।
- कठोर कार्रवाई: परीक्षाओं में धांधली करने वाले दोषियों और माफियाओं के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
- पारदर्शी सिस्टम: भविष्य के लिए परीक्षा प्रणाली को पूर्णतः सुरक्षित, आधुनिक और पारदर्शी बनाया जाए।
- कड़ा कानून: पेपर लीक जैसी देशद्रोही घटनाओं को रोकने के लिए बेहद सख्त कानून लागू किए जाएं।
- न्याय की मांग: प्रभावित अभ्यर्थियों को उचित न्याय मिले और दोबारा पूरी पारदर्शिता के साथ परीक्षा का अवसर दिया जाए।
- डिप्रेशन से बचाएं: बार-बार परीक्षाओं को स्थगित करना बंद किया जाए, जिससे छात्र डिप्रेशन (अवसाद) जैसी घातक स्थिति में न जाएं।
चेतावनी: एनएसयूआई जिला अध्यक्ष सुष्मिता गर्ग ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि सरकार और प्रशासन ने इन मांगों पर जल्द ही कोई उचित और ठोस कार्रवाई नहीं की, तो संगठन द्वारा पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

प्रदर्शन में ये रहे मौजूद
इस उग्र प्रदर्शन और पैदल मार्च के दौरान एनएसयूआई के वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से जयपाल सिंह, अंबाराम मीणा, गणेश गुर्जर, पीरूसिंह सुराणा, शैलेश कुमार, गुलाब कनिया, राजेंद्र सिंह, महिपाल सिंह, रोशन गुर्जर, महेंद्र सिंह, अशोक, जितेंद्र सिंह, सुरेन्द्र यादव, पहलाद कुमार, देसराज गुर्जर, अयूब खान, सुभाष, मनीष, इमरान खान, विक्रम गोयल, फोजू मेघवाल, आकाश मेघवाल, धनवंत राणा, सदाम खान, भरत कुमार, हिमांशु, प्रदीप कुमार, कमलेश, रमेश चौधरी, पिटाराम, उमेद सिंह झाला, मीनाक्षी गर्ग, हरीश राणा, शीशराम राणा, अरुण बंसल, गौतम बंसल, भंवर बंसल, खेतेश, विकास कुमार, हरीश परिहार एवं उत्तम कुमार सहित भारी संख्या में छात्र उपस्थित थे।







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