राजस्थान के सीमावर्ती जिलों के लिए खुशखबरी: अब घर के पास ही मिलेगा वाइल्डलाइफ का रोमांच | गुजरात के डीसा में आकार ले रहा राज्य का सबसे बड़ा आधुनिक चिड़ियाघर व जंगल सफारी | जालोर, सिरोही और बाड़मेर के पर्यटकों को मिलेगा नया डेस्टिनेशन | मंत्री प्रवीण माली ने लिया निर्माण कार्यों का जायजा
सर्कल न्यूज नेटवर्क डीसा / जालोर। गुजरात सरकार के विजनरी प्रयासों और पर्यटन को नई ऊंचाई देने की मुहिम से अब सरहदी इलाकों में पर्यटन का नक्शा बदलने जा रहा है। गुजरात के बनासकांठा जिले के डीसा में राज्य का सबसे बड़ा और अत्याधुनिक जूओलॉजिकल पार्क (चिड़ियाघर) व जंगल सफारी तेजी से आकार ले रहा है।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना से न केवल गुजरात, बल्कि सीमा से सटे राजस्थान के जालोर, सिरोही और बाड़मेर जिलों के लोगों के लिए भी यह बेहद खुशी की खबर है। अब सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों को देश-विदेश के दुर्लभ वन्यजीवों व पक्षियों का दीदार करने के लिए सैकड़ों किलोमीटर दूर बड़े महानगरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। महज 60 किलोमीटर की दूरी तय करते ही वे जंगल सफारी और अत्याधुनिक जू का रोमांच महसूस कर सकेंगे।

मंत्री प्रवीण माली ने किया मौका मुआयना डीसा के विधायक एवं राज्य मंत्री प्रवीणभाई माली ने हाल ही में निर्माण स्थल का दौरा कर प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। मंत्री माली के कुशल नेतृत्व और सतत निगरानी में इस प्रोजेक्ट को उच्च गुणवत्ता मानकों के साथ पूरा किया जा रहा है। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से कार्यों की वर्तमान स्थिति, सुरक्षा इंतजामों और आगामी कार्ययोजना की जानकारी ली तथा समयबद्ध और व्यवस्थित निर्माण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

वर्ल्ड क्लास सुविधाओं से लैस होगा यह आधुनिक जू यह चिड़ियाघर पारंपरिक पिंजरों वाला नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप 'ओपन-मोएट' (Open-moat) अवधारणा पर आधारित होगा। इसमें पर्यटकों और वन्यजीवों दोनों के लिए विशेष आधुनिक सुविधाएं जोड़ी जा रही हैं:

- प्राकृतिक आवास (Natural Enclosures): जानवरों को कंक्रीट के पिंजरों के बजाय उनके प्राकृतिक परिवेश जैसे खुले वातावरण में रखा जाएगा।
- जंगल सफारी और बैटरी व्हीकल्स: विशाल क्षेत्र में सुरक्षित जंगल सफारी का आनंद लेने के लिए ई-कार्ट और सफारी वाहनों की सुविधा।
- विदेशी एवियरी (Aviary): देशी और विदेशी पक्षियों के लिए वॉक-थ्रू एवियरी, जहां विभिन्न प्रजातियों को करीब से देखा जा सके।
- पशु चिकित्सालय व रेस्क्यू सेंटर: वन्यजीवों की 24x7 देखभाल के लिए आधुनिक वेटेरिनरी हॉस्पिटल, आईसीयू और क्वारंटीन जोन।
- पर्यटक सुविधाएं: इंटरप्रिटेशन सेंटर (व्याख्या केंद्र), कैफेटेरिया, पाथवे, विशाल पार्किंग, वॉच टॉवर और बच्चों के लिए एजुकेशनल एक्टिविटी जोन।

नडाबेट-अंबाजी टूरिज्म सर्किट से मिलेगा बूस्ट यह जू नडाबेट (सीमा दर्शन) से अंबाजी तक विकसित हो रहे विस्तृत टूरिज्म सर्किट का एक प्रमुख केंद्र बनेगा। इसके शुरू होने से समूचे बनासकांठा और आसपास के सीमावर्ती क्षेत्रों में टूरिज्म को भारी बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार, होटल व्यवसाय और व्यापारिक गतिविधियों के नए अवसर खुलेंगे।









पाठक टिप्पणियां (Comments)
0 टिप्पणियां