जालौर। राजस्थान में ए.एन.टी.एफ. (ANTF) के गठन के बाद से मादक पदार्थों के खिलाफ छेड़ी गई मुहिम ने एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। जालोर जिले में ए.एन.टी.एफ. की टीम ने एम.डी. (मेफेड्रोन) बनाने वाली एक अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। आरोपी ने पुलिस की नजरों से बचने के लिए फैक्ट्री का सामान और केमिकल अपने खेत में गेहूं की फसल के बीच छुपा रखे थे।
एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की बड़ी कार्रवाई ए.एन.टी.एफ. के गठन के बाद से प्रदेश में मादक द्रव्यों की सप्लाई चेन पर लगातार प्रहार हो रहे हैं। एम.डी. (मेफेड्रोन), जिसे ‘म्याउ-म्याउ’ के नाम से भी जाना जाता है, की बढ़ती मांग और इसकी तस्करी में लिप्त गिरोहों के खिलाफ आईपीएस विकास कुमार के नेतृत्व में ए.एन.टी.एफ. लगातार सक्रिय है। जालोर जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ यह कार्रवाई क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
ऐसे चला पता: छोटे सप्लायर से किंगपिन तक पहुंची टीम ए.एन.टी.एफ. की टीम ने इस मामले में ‘बॉटम-अप’ एप्रोच अपनाई। टीम ने पहले छोटे स्तर के एम.डी. सप्लायरों को रडार पर लिया। इन तस्करों की गतिविधियों पर गुप्त रूप से निगरानी रखी गई, जिससे टीम को एम.डी. के मुख्य सप्लायर तक पहुंचने में मदद मिली। टीम को जानकारी मिली कि जालोर में अवैध धंधे में शामिल मुख्य सूत्रधार लगातार अपनी हरकतों को छिपाने की कोशिश कर रहा था।
आरोपी की पहचान और मोडस ऑपरेंडी पकड़े गए मुख्य आरोपी की पहचान अचलाराम पुत्र आसूराम, जाति देवासी के रूप में हुई है। अचलाराम पूर्व में हथियार तस्करी के मामलों में भी लिप्त रहा है और पूर्व में जेल की सजा काट चुका है। पुलिस से बचने के लिए उसने एक वकील की मदद से पुराने मामलों से बरी होने का प्रयास भी किया था। हालांकि, ए.एन.टी.एफ. की टीम लगातार उसकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी। उसके घर पर रात के समय लोगों की संदिग्ध आवाजाही और गाड़ियों के मूवमेंट ने पुलिस का शक यकीन में बदल दिया। जिले में अन्य एम.डी. फैक्ट्री पकड़े जाने के बाद आरोपी ने घबराकर फैक्ट्री का सामान अपने खेत में गेहूं की फसल के बीच छुपा दिया था।
जब्त सामग्री का विवरण ए.एन.टी.एफ. की टीम ने जब खेत की तलाशी ली तो वहां से निम्नलिखित अवैध सामग्री बरामद की गई:
- 04 केमिकल के नीले रंग के ड्रम
- 09 पैकेट सोडा
- 01 सफेद रंग का ड्रम (आधा भरा हुआ)
- एम.डी. ड्रग बनाने की इलेक्ट्रिकल मशीन
- 01 हीटर फैन
- 03 बोतल डिस्टिल्ड वाटर
पुलिस की इस कार्रवाई से ड्रग माफियाओं में हड़कंप मच गया है। ए.एन.टी.एफ. की टीम अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और रसद सप्लाई के स्त्रोतों की गहन जांच कर रही है। आरोपी फरार बताया जा रहा है।



