शिक्षा जगत के बाद अब राजनीति के 'ब्लैकबोर्ड' पर लिखेंगे सफलता की इबारत, कार्यकर्ताओं में उत्साह
जालोर। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्षों की घोषणा कर दी गई है। इस महत्वपूर्ण सूची में जालोर जिले की कमान शिक्षा जगत से राजनीति में आए अनुभवी व्यक्तित्व महादेवाराम देवासी को सौंपी गई है। उनकी नियुक्ति की खबर फैलते ही जिले भर के कांग्रेसी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
शिक्षक से राजनीति तक का सफर महादेवाराम देवासी केवल एक राजनीतिक चेहरा नहीं हैं, बल्कि उनका लंबा प्रशासनिक और सामाजिक अनुभव रहा है। वे एक सेवानिवृत्त शिक्षक रहे हैं और पूर्व में उप-प्रधान के पद पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। शिक्षक संघ प्रगतिशील के प्रदेश पदाधिकारी के रूप में उन्होंने शिक्षा जगत के मुद्दों को मजबूती से उठाया है। अब यही अनुभव उनकी नई राजनीतिक पारी में काम आएगा।

राजनीतिक विरासत और पारिवारिक पृष्ठभूमि पाल गाँव के मूल निवासी महादेवाराम का परिवार दशकों से कांग्रेस की विचारधारा से मजबूती से जुड़ा रहा है। उनके भाई रवा राम भी जिला परिषद सदस्य के रूप में जनसेवा कर चुके हैं। यह परिवार न केवल राजनैतिक बल्कि सामाजिक रूप से भी अत्यंत संपन्न और प्रभाव वाला माना जाता है। रियासतकाल से ही यह परिवार समृद्ध और स्वतंत्र विचारधारा के लिए जाना जाता है।

दिग्गजों के करीबी, संगठन को मिलेगी मजबूती महादेवाराम का परिवार जिले के बड़े नेताओं का भरोसेमंद रहा है। वे पूर्व विधायक स्वर्गीय रतनाराम चौधरी और वर्तमान विधायक रतन देवासी के काफी करीबी माने जाते हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि महादेवाराम की नियुक्ति से जालोर में कांग्रेस का संगठन और अधिक धरातल पर सक्रिय होगा। वे कार्यकर्ताओं को एकजुट करने और सामाजिक न्याय की नीतियों को जन-जन तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
इस नियुक्ति पर महादेवाराम देवासी के समर्थकों का कहना है कि एक सरल, मृदुभाषी और अनुभवी व्यक्तित्व को जिलाध्यक्ष बनाकर पार्टी ने एक बहुत ही सटीक फैसला लिया है, जो आगामी समय में जालोर कांग्रेस के लिए गेम चेंजर साबित होगा।







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