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‘आत्मनिर्भर चिप’ की ओर बढ़ रहा भारत, रिकॉर्ड निवेश से सेमीकंडक्टर सेक्टर में क्रांति

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जयपुर, 24 जुलाई। भारत सेमीकंडक्टर डिजाइन के क्षेत्र में एक नई इबारत लिख रहा है। केंद्र सरकार की दूरदर्शी नीतियों और प्रोत्साहन योजनाओं के चलते देश के सेमीकंडक्टर स्टार्टअप्स अब न केवल वैश्विक मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं, बल्कि रिकॉर्ड निवेश भी आकर्षित कर रहे हैं। इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) की डिज़ाइन लिंक्ड इंसेंटिव (DLI) योजना और ‘चिप्स टू स्टार्टअप’ (C2S) कार्यक्रम इस क्रांति के अग्रदूत साबित हो रहे हैं, जिससे देश का सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम दिन-ब-दिन सशक्त होता जा रहा है।


नेत्रसेमी को मिला 107 करोड़ का बड़ा निवेश: मेक इन इंडिया चिप्स की उड़ान

सरकार की चिप डिजाइन योजना के तहत मिले सहयोग ने ‘नेत्रसेमी’ जैसे स्टार्टअप्स को पंख दिए हैं। इस कंपनी ने हाल ही में 107 करोड़ रुपये का उद्यम पूंजीगत (VC) निवेश हासिल किया है। नेत्रसेमी स्मार्ट विजन, सीसीटीवी कैमरा और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) जैसे अत्याधुनिक अनुप्रयोगों के लिए चिप्स विकसित करने में जुटी है, जो देश की तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है।

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने इस सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए कहा, “भारत में महत्वपूर्ण डिजाइन क्षमताएं निहित हैं। भारत सेमीकंडक्टर मिशन द्वारा देश में डिजाइन को सहायता दिए जाने के साथ नेत्रसेमी की यह सफलता अन्य भारतीय स्टार्टअप्स को भी प्रोत्साहित करेगी।”


234 करोड़ का सरकारी समर्थन, 380 करोड़ से अधिक का निजी निवेश

साल 2022 में डीएलआई योजना के शुभारंभ के बाद से भारतीय सेमीकंडक्टर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है:

  • सरकार ने 22 कंपनियों से चिप डिजाइन परियोजनाओं के लिए 234 करोड़ रुपये की सहायता राशि देने की प्रतिबद्धता जताई है, जिनकी कुल परियोजना लागत 690 करोड़ रुपये है।
  • इन चिप्स का उपयोग सीसीटीवी कैमरों से लेकर मोबाइल नेटवर्क, उपग्रहों, कारों और स्मार्ट उपकरणों तक विभिन्न क्षेत्रों में किया जाएगा।
  • इन स्टार्टअप्स ने मिलकर उद्यम पूंजीगत निवेशकों से 380 करोड़ रुपये से अधिक का धन जुटाया है, जो निजी क्षेत्र का बढ़ता भरोसा दर्शाता है।
  • पांच स्टार्टअप पहले ही वैश्विक चिप निर्माताओं के साथ अपने चिप डिजाइन का निर्माण और परीक्षण सफलतापूर्वक कर चुके हैं।
  • इसके अतिरिक्त, 72 से अधिक कंपनियों को चिप्स डिजाइन करने में सहायता के लिए उन्नत सॉफ्टवेयर टूल्स तक पहुंच प्रदान की गई है, जिससे नवाचार को गति मिल रही है।

उत्साहित निजी निवेशक: Mindgrove Technologies और Fermionics Design का कमाल

सरकारी समर्थन के साथ-साथ निजी निवेशकों का भी भारतीय सेमीकंडक्टर स्टार्टअप्स पर भरोसा बढ़ रहा है। ‘माइंडग्रोव टेक्नोलॉजीज’, जो सीसीटीवी चिप डिजाइन में कार्यरत है, ने 85 करोड़ रुपये जुटाए हैं, जबकि ‘फर्मियोनिक डिजाइन’ (उपग्रह संचार चिप) ने 50 करोड़ रुपये प्राप्त किए हैं। इनके अलावा, ‘मॉर्फिंग मशीन’, ‘इनकोर सेमीकंडक्टर्स’ और ‘बिगइंडियन सेमीकंडक्टर्स’ जैसे स्टार्टअप्स भी तेजी से उत्पादन चरणों की ओर बढ़ रहे हैं।

सरकार की ‘उत्पाद राष्ट्र’ बनने की भावना से प्रेरित होकर, नई कंपनियां चिप डिजाइन में साहसिक कदम उठा रही हैं। वहीं, निजी निवेशक भी उन्हें आगे बढ़ने और अपने चिप्स को बाजार में लाने में सक्रिय रूप से सहायता प्रदान कर रहे हैं, जिससे भारत का सेमीकंडक्टर भविष्य उज्ज्वल दिखाई दे रहा है।

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राव गुमान सिंह
राव गुमान सिंहhttps://circlenews.in/
एक स्वतंत्र डिजिटल पत्रकार, एंकर, और फोटोग्राफर के रूप में, मैंने अपने काम के लिए राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त किया है। मैं वर्तमान में कई विविध प्लेटफार्मों पर गहन कहानियों और समाचारों को साझा करता हूँ। मेरे ट्वीट्स और रीट्वीट्स पूरी तरह से व्यक्तिगत होते हैं, जो मेरे निजी विचारों और रुचियों को प्रतिबिंबित करते हैं। मेरा उद्देश्य है सच्चाई को उजागर करना और उन कहानियों को सामने लाना जो समाज में परिवर्तन ला सकें।

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