जिला प्रशासन व नगर परिषद के आह्वान पर जुटे खिलाड़ी, अधिकारियों और नागरिकों ने मिलकर की तालाब की सफाई
जालोर। जल ही जीवन है – इसी मूल मंत्र को आत्मसात करते हुए जालोर जिले में वंदे गंगा-जल संरक्षण जन अभियान के तहत आज सुबह एक प्रेरणादायी श्रमदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला प्रशासन एवं नगर परिषद जालोर की अगुवाई में आयोजित इस कार्यक्रम में सुंदेलाव तालाब की सफाई के लिए जनभागीदारी देखने को मिली।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जल स्रोतों का संरक्षण और पारंपरिक जल संरचनाओं को पुनर्जीवित करना रहा। तालाब की सफाई के इस आयोजन में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ समाज के विभिन्न वर्गों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। विशेष बात यह रही कि जिला क्रिकेट एसोसिएशन जालोर के युवा खिलाड़ी भी इस अभियान में बढ़-चढ़कर शामिल हुए।
खिलाड़ियों ने दिखाई अनुकरणीय पहल
जहां आमतौर पर खिलाड़ी खेल मैदानों में अपनी भूमिका निभाते हैं, वहीं इस बार इन खिलाड़ियों ने हाथ में बल्ला नहीं, फावड़े और तसले उठाकर तालाब की गंदगी साफ करने में योगदान दिया। क्रिकेट खिलाड़ियों की इस भागीदारी ने यह संदेश दिया कि समाज सेवा केवल भाषणों तक सीमित नहीं, बल्कि मैदान पर उतरकर काम करने का नाम है।
प्रशासन और समाज की संयुक्त पहल
नगर परिषद के अधिकारियों, कर्मचारियों एवं स्वयंसेवी संगठनों ने भी श्रमदान में भाग लेते हुए तालाब की गाद हटाने, कचरा साफ करने, जलधारा की दिशा सुधारने एवं तालाब के किनारों की सफाई में योगदान दिया। कार्यक्रम में नगर परिषद आयुक्त, जिला प्रशासन के प्रतिनिधि, स्वच्छता प्रभारी और सामाजिक कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।

इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि जालोर की ऐतिहासिक जलधरोहरों में से एक सुंदेलाव तालाब का धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय महत्व है। ऐसे में इसका संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। जल संरक्षण महज एक दिन का काम नहीं, बल्कि जन चेतना और नियमित भागीदारी का विषय है।
अभियान को लेकर लोगों में उत्साह
सुबह-सुबह तालाब के पास जुटी भीड़ इस बात का संकेत थी कि जन-सहयोग से हर असंभव कार्य भी संभव हो सकता है। छोटे बच्चों से लेकर वरिष्ठ नागरिकों तक ने अपने-अपने स्तर पर श्रमदान किया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को स्वच्छता और जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई।







पाठक टिप्पणियां (Comments)
0 टिप्पणियां