रानीवाड़ा | आत्मा योजनार्गत कैफेटेरिया के तहत रानीवाड़ा निकट देवपुरा की ढाणी बाबूराम एवं नारायणराम पुत्र भगवानराम चौधरी के कृषि फार्म पर शनिवार को किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सहायक कृषि अधिकारी देवेंद्र सिंह चौहान और सहायक कृषि अधिकारी मनोहरलाल ने किसानों को कृषि की नवीनतम तकनीकें, मृदा व जल परीक्षण, बीज उपचार और जैविक खेती के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
गोष्ठी के दौरान अधिकारियों ने कहा कि मिट्टी की जांच कर फसलों की उपज बढ़ाई जा सकती है। हर किसान को अपनी जमीन की मिट्टी और पानी की जांच अवश्य करवानी चाहिए, जिससे यह पता चल सके कि मिट्टी में कौनसे पोषक तत्व हैं और किन तत्वों की कमी है। उन्होंने बताया कि गर्मी के दिनों में खेत की जुताई गहरी करनी चाहिए, इससे मिट्टी में नमी का संरक्षण होता है।

खेत तलाई निर्माण और पाइपलाइन योजना की भी दी जानकारी
गोष्ठी में खेत तलाई कच्ची एवं प्लास्टिक तले के निर्माण पर मिलने वाले अनुदान की जानकारी दी गई। पाइपलाइन योजना और कृषि यंत्र योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी के बारे में किसानों को विस्तार से बताया गया। अधिकारियों ने बताया कि ट्रैक्टर और टैंकर को छोड़कर अन्य सभी कृषि यंत्रों पर सरकार की ओर से पुरुष किसानों को 40 प्रतिशत और महिलाओं को 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। आवेदन के लिए जमाबंदी, ट्रैक्टर का रजिस्ट्रेशन, यंत्र का कोटेशन और मृदा स्वास्थ्य कार्ड जरूरी रहेगा।
किसानों को जैविक गोवर्धन योजना की भी जानकारी दी गई। गोबर खाद तैयार करने की प्रक्रिया और उसके लाभों को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई।
किसानों से प्रश्नोत्तरी, तगारी पुरस्कार में भेंट
कार्यक्रम में प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया गया। इसमें प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले किसानों को तगारी पुरस्कार स्वरूप भेंट की गई। सहायक कृषि अधिकारी देवेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि विभाग की योजनाओं से किसानों की लागत घटेगी और आय में बढ़ोतरी होगी।
महिलाओं ने भी दिखाई रुचि
गोष्ठी में पहली बार बड़ी संख्या में महिला किसान भी शामिल हुईं और खेती-बाड़ी से जुड़ी तकनीकी जानकारी हासिल की।
इनके रहे उपस्थिति
इस अवसर पर बाबूराम चौधरी, खुमाराम चौधरी, नारायण, दिनेश कुमार, जयंतीलाल, सवसीराम धानोल, अग्राराम जाखड़ी, मलाराम सहित दर्जनों किसान एवं महिला किसान मौजूद रहे।
किसान गोष्ठी के प्रमुख लाभ
🔹 मिट्टी की जांच से उत्पादन में सुधार
🔹 सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ
🔹 आधुनिक तकनीकों से खेती में लागत में कमी
🔹 किसान सशक्तिकरण और जागरूकता में वृद्धि
🔹 ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा
(रानीवाड़ा संवाददाता)
