• कलेक्ट्रेट पर विशाल प्रदर्शन: नरेगा से 'गांधी' नाम हटाने और आहोर में गिरफ्तारी पर उबला आक्रोश • पाराशर बोले- कोर्ट के फैसले से खुली मोदी सरकार की पोल, तानाशाही नहीं चलेगी
सर्कल न्यूज नेटवर्क जालोर। नेशनल हेराल्ड मामले में न्यायालय द्वारा सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर ईडी की चार्जशीट को खारिज करने के फैसले को कांग्रेस ने 'सत्य की जीत' और 'तानाशाही की हार' करार दिया है। बुधवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने कलेक्ट्रेट के बाहर जोरदार प्रदर्शन कर केंद्र और राज्य सरकार को आडे (ड) हाथों लिया। प्रदर्शन में नरेगा का नाम बदलने, रोजगार गारंटी को कमजोर करने और आहोर में कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी का मुद्दा प्रमुखता से गूंजा।
एजेंसियों का दुरुपयोग हुआ बेनकाब: पाराशर जन अभियोग निराकरण समिति के पूर्व अध्यक्ष पुखराज पाराशर ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि दिल्ली कोर्ट ने ईडी की चार्जशीट पर केस चलाने से इनकार कर यह साबित कर दिया है कि सच्चाई को परेशान किया जा सकता है, पराजित नहीं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार विरोधियों को ईडी और सीबीआई के जरिए डरा रही थी, लेकिन आज उनकी पोल खुल गई है।

नरेगा और विकास कार्यों पर वार जिलाध्यक्ष रमीला मेघवाल और पूर्व जिलाध्यक्ष भंवरलाल मेघवाल ने कहा कि नरेगा से 'महात्मा गांधी' का नाम हटाना और इसे कमजोर करना गरीबों के पेट पर लात मारने जैसा है। नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के विकास कार्यों को रोक दिया है। जवाई और माही नदी को पुनर्जीवित करने के वादे, पीएम और गृहमंत्री के बडे (ड) दावे महज जुमले साबित हुए हैं। उद्घाटन पट्टिकाओं को तोडना (ड) या हटाना ओछी राजनीति है।
आहोर में गिरफ्तारी: लोकतंत्र की हत्या ज्ञापन के दौरान आहोर की घटना पर गहरा आक्रोश जताया गया। कांग्रेसी नेताओं ने कहा कि आहोर में सीएम भजनलाल शर्मा को शांतिपूर्ण ज्ञापन देने जा रहे 18 नेताओं (जिनमें रमीला मेघवाल, सरोज चौधरी, योगेन्द्रसिंह कुम्पावत शामिल थे) को पुलिस द्वारा जबरन गिरफ्तार करना और दूर भेजना विपक्ष की आवाज दबाने का कुत्सित प्रयास है। प्रशासन को लिखित सूचना देने के बाद भी सीएम का न मिलना और उल्टे गिरफ्तारी करवाना दुर्भाग्यपूर्ण है।

ये रहे मौजूद राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने के दौरान आहोर प्रत्याशी सरोज चौधरी, प्रदेश महासचिव उमसिंह चांदराई, महिला जिलाध्यक्ष संतोष कंवर, नैनसिंह राजपुरोहित, शाहजाद अली सैय्यद, सवाराम पटेल, जाकिर रंगरेज, खसाराम परीहार, कामिनी शर्मा, गजेन्द्रसिंह डोडीयाली, विरेन्द्र जोशी, मुमताज अली, सुरेश मेघवाल सहित बडी (ड) संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित थे।
इनसाइड स्टोरी: जश्न बनाम विरोध एक तरफ राज्य सरकार अपने 2 साल बेमिसाल बताकर जश्न मना रही है और सुशासन रथ घुमा रही है, वहीं दूसरी तरफ जालोर में इन्ही रथों का विरोध हो रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि सांचोर जिले को पुनः स्थापित करने और स्थानीय विकास के मुद्दों पर सरकार पूरी तरह विफल रही है।







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