सर्कल न्यूज़ नेटवर्क रानीवाड़ा। शिक्षा को समाज की प्रगति का मूलमंत्र मानने वाले भोमिया राजपूत समाज ने शुक्रवार को रानीवाड़ा में एक अभूतपूर्व शक्ति प्रदर्शन किया। जहां एक ओर मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान हुआ, वहीं दूसरी ओर युवाओं को संगठित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए सर्वसम्मति से फौज सिंह डाभी को रानीवाड़ा युवा कार्यकारिणी का नया अध्यक्ष चुन लिया गया। यह भव्य आयोजन प्रतिभा सम्मान और स्नेह मिलन समारोह के रूप में महंत 1008 भीमगिरी महाराज और विष्णुपुरी महाराज के पावन सान्निध्य में संपन्न हुआ, जिसने पूरे समाज में नई ऊर्जा का संचार कर दिया।
शानदार आगाज और संतों का सान्निध्य
रानीवाड़ा में आयोजित इस महाकुंभ में समाज के वरिष्ठजन, मातृशक्ति, युवा और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उत्साह के साथ शामिल हुए। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ संत महात्माओं ने दीप प्रज्ज्वलन और मां सरस्वती की वंदना से किया। समारोह के केंद्र में रहा शिक्षा के प्रति समर्पण का भाव। समाज के सैंकड़ों मेधावी छात्र-छात्राओं को उनकी शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए विशेष प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल उनके परिश्रम का प्रतिफल था, बल्कि समाज के अन्य युवाओं में भी शिक्षा के प्रति रुचि और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना पैदा करने का एक सशक्त प्रयास भी। सम्मानित विद्यार्थियों के परिजनों के चेहरों पर गर्व और संतोष का भाव स्पष्ट नजर आ रहा था।
अतिथियों ने दिया ‘शिक्षा और संस्कार’ का मंत्र
समारोह में अतिथि के रूप में पूर्व विधायक गुलाबसिंह राजपूत, समाजसेवी डीडी राजपूत और उप जिला कलेक्टर सिरोही हरिसिंह देवल मौजूद रहे। उप जिला कलेक्टर हरिसिंह देवल ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि “शिक्षा ही समाज की प्रगति का आधारशिला है।” उन्होंने आह्वान किया कि युवा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहें, बल्कि शिक्षा के साथ-साथ समाजसेवा, अनुशासन और उच्च संस्कारों को भी जीवन का अभिन्न अंग बनाएं।
समाजसेवी डीडी राजपूत ने समाज की वर्तमान आवश्यकता पर बल देते हुए कहा, “आज के युग में शिक्षा और एकता दोनों ही अनिवार्य हैं। समाज को मजबूती प्रदान करने के लिए हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।”
धर्म, संस्कृति और एकता का संदेश
मंच से आशीर्वचन देते हुए महंत 1008 भीमगिरी महाराज ने कहा कि भोमिया राजपूत समाज का गौरवशाली इतिहास रहा है, जिसने सदैव धर्म, संस्कृति और वीरता की मिसाल कायम की है। उन्होंने नई पीढ़ी से इन गौरवशाली मूल्यों को संजोकर आगे बढ़ने का आह्वान किया। वहीं, विष्णुपुरी महाराज ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि “समाज की एकता ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति है। जब समाज एकजुट होकर किसी लक्ष्य के लिए कार्य करता है, तो बड़ी से बड़ी बाधा भी छोटी पड़ जाती है।” वक्ताओं ने एक स्वर में समाज में जागरूकता और संगठन की आवश्यकता पर जोर दिया।
युवा नेतृत्व को मिली नई दिशा, फौज सिंह डाभी बने अध्यक्ष
प्रतिभा सम्मान के बाद, समारोह का सबसे महत्वपूर्ण और बहुप्रतीक्षित क्षण आया – नवीन युवा कार्यकारिणी का गठन। इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए सर्वसम्मति से जुझारू और समर्पित युवा फौज सिंह डाभी को रानीवाड़ा सर्व सहमति से अध्यक्ष चुना गया। फौज सिंह के नेतृत्व में समाज को शिक्षा, संगठन और सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर पहुंचने की उम्मीद है। उनके चुनाव को लेकर युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।
जोरदार समापन: नई ऊर्जा और संकल्प
समारोह में महिलाओं की उपस्थिति अत्यंत उल्लेखनीय रही, जो समाज में उनकी बढ़ती भागीदारी और जागरूकता को दर्शाती है। अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, संतों और समाजबंधुओं का आभार व्यक्त किया और समाज की निरंतर प्रगति के लिए सामूहिक संकल्प लिया। यह भव्य आयोजन समाज में न केवल नई ऊर्जा का संचार कर गया, बल्कि युवाओं को उनके भविष्य के लिए प्रेरित भी किया। सामूहिक भोजन के साथ समारोह का सफल समापन हुआ, जिसने एकता और अपनत्व के भाव को और मजबूत किया। रानीवाड़ा के भोमिया राजपूत समाज ने दिखा दिया कि शिक्षा का सम्मान और युवा नेतृत्व का उदय ही उसके उज्जवल भविष्य की नींव है।



