जयपुर।
राजस्थान के 9 पंजीकृत, लेकिन अमान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों पर पंजीकरण रद्द होने का खतरा मंडरा रहा है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी, राजस्थान ने इन दलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन दलों ने पिछले 6 वर्षों (2019 से) में किसी भी चुनाव में भाग नहीं लिया है और निष्क्रिय बने हुए हैं। आयोग ने दलों के महासचिव/अध्यक्ष/दल प्रमुख को 15 कार्यदिवस में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर या लिखित रूप में जवाब देने के निर्देश दिए हैं।
ये हैं निष्क्रिय दल
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, जिन 9 दलों को नोटिस जारी किया गया है, उनमें राजस्थान जनता पार्टी, राष्ट्रीय जन सागर पार्टी, खुशहाल किसान पार्टी, भारत वाहिनी पार्टी, भारतीय जन हितकारी पार्टी, नेशनल जनसत्ता पार्टी, नेशनलिस्ट पीपुल्स फ्रंट, स्वच्छ भारत पार्टी और महाराणा क्रांति पार्टी शामिल हैं।
क्या मांगा गया है स्पष्टीकरण
आयोग ने दलों से पूछा है कि विगत 6 वर्षों में चुनावों में भाग क्यों नहीं लिया गया? क्या दल ने अपनी गतिविधियां बंद या सीमित कर दी हैं? यदि समय पर जवाब नहीं दिया जाता है, तो इसे निष्क्रियता मानते हुए Representation of the People Act, 1951 की धारा 29A के तहत डीलिस्टिंग की कार्रवाई की जाएगी।
पंजीकरण रद्द होने पर क्या होगा नुकसान
इन दलों को पंजीकृत दल होने के नाते आयकर छूट, चुनाव चिन्ह का लाभ, स्टार प्रचारकों के नामांकन जैसी सुविधाएं मिलती हैं। डीलिस्टिंग के बाद ये सभी सुविधाएं समाप्त हो जाएंगी।
कहां देना है जवाब
दल अपने स्पष्टीकरण पत्र मुख्य निर्वाचन अधिकारी, राजस्थान, कमरा नं. 5213, मुख्य भवन, शासन सचिवालय, जयपुर या ई-मेल ceo_rajasthan@eci.gov.in पर भेज सकते हैं।







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