रानीवाड़ा से लेकर जसवंतपुरा तक, पूर्व विधायक नारायणसिंह देवल के जन्मदिन पर समर्थकों का सैलाब उमड़ा। रक्तदान शिविर से लेकर पौधारोपण तक, सेवा और संकल्प का अनूठा संगम दिखा।
रानीवाड़ा: पूर्व विधायक नारायणसिंह देवल का जन्मदिन उनके समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने सिर्फ़ बधाई देने तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे जनसेवा और समाज कल्याण के एक बड़े आयोजन में बदल दिया। रानीवाड़ा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में देवल खुद मौजूद रहे, जहाँ उनके चाहने वालों ने गर्मजोशी के साथ माल्यार्पण कर और मुंह मीठा कराकर उन्हें जन्मदिन की मुबारकबाद दी।

इस मौके पर प्रशासनिक और राजनीतिक हस्तियों का जमावड़ा भी दिखा। उपखंड अधिकारी सुनील कुमार ने भी देवल को शुभकामनाएं दीं। भाजपा जिला उपाध्यक्ष मुकेश खंडेलवाल, हीरालाल सारस्वत, और पाँचों मंडल अध्यक्षों समेत कार्यालय मंत्री तगाराम जीनगर ने कार्यक्रम में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।

सेवा और संकल्प की शानदार मिसाल:
इस खास दिन को यादगार बनाने के लिए कई सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
- रक्तदान शिविर: मरूधरा ब्लड बैंक और सर्वोदय हॉस्पिटल के सहयोग से एक विशाल रक्तदान शिविर लगाया गया, जहाँ 62 यूनिट रक्त का संग्रहण हुआ। रक्तदाताओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
- बच्चों के लिए खुशियों का तोहफ़ा: आत्मनांद सेवा संस्थान में बच्चों को फल बांटे गए, जिससे उनके चेहरों पर मुस्कान खिल उठी।
- पर्यावरण संरक्षण की पहल: ‘हरियालो राजस्थान’ कार्यक्रम के तहत सरकारी हाई स्कूल के खेल मैदान में पौधारोपण किया गया, जो पर्यावरण के प्रति देवल और उनके समर्थकों की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
- ब्रह्माकुमारी बहनों का आशीर्वाद: ब्रह्माकुमारी संस्थान की बहनों ने देवल को राखी बांधकर लंबी उम्र और स्वास्थ्य का आशीर्वाद दिया।

जनता के दिल में देवल की ख़ास जगह:
जसवंतपुरा क्षेत्र में भी देवल का जन्मदिन पूरे जोश-ओ-खरोश के साथ मनाया गया। कार्यकर्ताओं ने कई गोशालाओं में गौमाताओं को गुड़ और गोग्रास खिलाकर उनकी लंबी उम्र की कामना की। श्री सुंधामाता मंदिर, राजपुरा में ट्रस्ट के सदस्यों ने भी माताजी से देवल के अच्छे स्वास्थ्य और शतायु होने की मन्नतें मांगीं।

सियासत का सफ़र, जनसेवा का सिलसिला:
नारायणसिंह देवल का सियासी सफ़र काफ़ी दिलचस्प रहा है। पहाडपुरा गाँव के रहने वाले देवल के बड़े भाई, उकसिंह देवल जो जसवंतपुरा पंचायत समिति के प्रधान और बाद में जिला प्रमुख रहे थे, के निधन के बाद वे मुंबई में अपना स्टील का कारोबार छोड़कर सियासत में आए। उन्होंने भी जिला प्रमुख का पद संभाला और अपनी कार्यकुशलता से पहचान बनाई।
2013 और 2018 में रानीवाड़ा से विधायक बनकर उन्होंने क्षेत्र की सेवा की, लेकिन 2023 के चुनाव में कांग्रेस के रतन देवासी से हार गए। हालाँकि, इस हार के बाद भी देवल की सक्रियता में कोई कमी नहीं आई है। वे लगातार क्षेत्र के लोगों के बीच मौजूद रहते हैं और भाजपा संगठन की मज़बूत कमान संभाले हुए हैं। यह जनता से उनके गहरे जुड़ाव का ही नतीजा है कि आज भी हर छोटे-बड़े मौके पर उनके समर्थक बड़ी तादाद में उनके साथ खड़े नज़र आते हैं।

कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख मंडल अध्यक्ष एवं समर्थक:
इस मौके पर पाँचों मंडल अध्यक्षों समेत कई कार्यकर्ताओं ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। रमेश आंजणा (रानीवाड़ा), प्रकाश जांगू (करड़ा), बलवंत पुरोहित (बड़गांव), भंवरसिंह राजपुरा और चंदनसिंह गुंदाउ सहित मुकेश खंडेलवाल (जिला उपाध्यक्ष), हीरालाल सारस्वत (जिला उपाध्यक्ष), तगाराम जीनगर (कार्यालय मंत्री), महेन्द्रसिंह देवल (कागमाला ठाकुर), मलाराम बिश्नोई (भाजपा सक्रिय कार्यकर्ता, करवाड़ा), दिनेश गर्ग (जालेरा), प्रेमाराम रावल, नेपालसिंह देवल, बाबुलाल चौधरी, फतेहसिंह, गनपत सिंह मेडक, कांतिलाल रोड़ा, प्रागाराम पुरोहित, गंगा सिंह देवड़ा, मकनाराम चौधरी, सहित भगराज चौधरी और कई भाजपा कार्यकर्ताओ ने भाग लिया।



