सर्कल न्यूज नेटवर्क
जालोर, 29 सितम्बर। दी जालोर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड की 65वीं एवं 66वीं वार्षिक आमसभा मंगलवार को प्रधान कार्यालय स्थित सभा भवन में पूरे उत्साह के साथ संपन्न हुई। बैंक की हिस्साधारी ग्राम सेवा सहकारी समितियों (जीएसएस) और अन्य सहयोगी संस्थाओं के पदाधिकारियों की मौजूदगी में बैंक के वित्तीय सेहत का ब्योरा रखा गया, जिसमें वित्तीय प्रगति के साथ-साथ भविष्य की रणनीति पर मंथन हुआ।

वित्तीय स्थिति में उछाल, वसूली पर नजर
सभा में वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 की प्रगति रिपोर्ट पेश करते हुए बताया गया कि बैंक की कार्यशील पूंजी छलांग लगाकर 1,04,860.81 लाख रुपए पर पहुंच गई है। वर्ष 2025-26 के दौरान बैंक की हिस्सा राशि 4,428.95 लाख रुपए और अमानतें 51,252.75 लाख रुपए दर्ज की गईं। वहीं, ऋण वितरण का आंकड़ा 80,500 लाख रुपए रहा। सुरक्षित एवं अन्य कोष बढ़कर 12,899.77 लाख रुपए हुआ। हालांकि, ऋण वसूली दर में थोड़ी नरमी देखी गई, जो वर्ष 2024-25 के 93.25 प्रतिशत के मुकाबले वर्ष 2025-26 में 89.98 प्रतिशत रही।
कमियों को सुधारें, गांव-ढाणी तक पहुंचाएं राहत: कलेक्टर
जिला कलेक्टर डॉ. प्रदीप के. गावंडे ने बैंक अधिकारियों को दो टूक लहजे में कहा कि कार्यप्रणाली में जो भी कमियां हैं, उन्हें तत्काल दुरुस्त कर प्रभावी प्रगति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्राम स्तर पर सहकारी बैंक व जीएसएस के जरिए किसानों और ग्रामीणों को सभी वित्तीय सुविधाएं बिना किसी अड़चन के समय पर मिलनी चाहिए।
प्रस्तावों को मिली हरी झंडी
बैंक के प्रबंध निदेशक नारायणसिंह चारण ने गत बैठक की कार्यवाही की पुष्टि के साथ दोनों वर्षों के वार्षिक लेखों, लाभ-हानि खातों, बजट निर्धारण, अधिकतम साख सीमा, ऑडिट अनुपालना एवं लाभांश वितरण से जुड़े प्रस्ताव पटल पर रखे, जिन्हें सदन ने सर्वसम्मति से मंजूरी दी।
उत्कृष्ट समितियों का सम्मान
वसूली और व्यवसाय विस्तार में बेहतरीन काम करने वाली जीएसएस तथा शाखा स्तर पर अमानत वृद्धि में अव्वल रहने वाली समितियों के अध्यक्षों का साफा पहनाकर मान बढ़ाया गया, वहीं व्यवस्थापकों को प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिह्न भेंट किए गए।
कार्यक्रम में उप रजिस्ट्रार सुनील वीरभान, बैंक के अधिशाषी अधिकारी भवानीसिंह कविया, सियाणा जीएसएस अध्यक्ष प्रदीपसिंह, नौसरा जीएसएस अध्यक्ष राजवीरसिंह देवड़ा सहित बड़ी संख्या में सहकारी प्रतिनिधि व अधिकारी मौजूद रहे। मंच संचालन अतिरिक्त अधिशाषी अधिकारी सुभाषचन्द्र जीनगर व बैंकिंग सहायक मोहित दवे ने किया। अंत में एमडी नारायणसिंह चारण ने आभार जताया।












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