सर्किल न्यूज नेटवर्क जालोर। जिले में पंचायती राज चुनाव की प्रशासनिक सरगर्मियों के बीच आज विभिन्न पदों के आरक्षण की लॉटरी निकाली गई। लॉटरी प्रक्रिया पूरी होते ही रानीवाड़ा पंचायत समिति के कुछ वार्डों में आरक्षण व्यवस्था को लेकर विरोध के सुर मुखर हो गए हैं। विशेष रूप से रानीवाड़ा पंचायत समिति के वार्ड नंबर 11 और 13 में आरक्षण दोहराए जाने (रिपीट होने) को लेकर ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।
वार्ड 13 और 11 के रिपीट होने पर सवाल जानकारी के अनुसार, रानीवाड़ा पंचायत समिति के वार्ड नंबर 13 (जिसमें जोड़वास, वडलू, आदरवाड़ा, धामसीन, मेडकल्ला और मेडक खुर्द गांव शामिल हैं) को एक बार फिर अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह वार्ड पूर्व में भी अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित था और इस बार भी इसे दोबारा उसी वर्ग के लिए आरक्षित कर दिया गया।
इसी तरह वार्ड नंबर 11 (जिसमें जाखड़ी और चारणवास क्षेत्र आते हैं) को भी पुनः अनुसूचित जाति के लिए रिजर्व किया गया है। ग्रामीणों का तर्क है कि चक्रानुक्रम (रोटेशन) व्यवस्था के तहत पूर्व में आरक्षित रहे वार्डों को दोबारा उसी श्रेणी में डालना नियमों के विपरीत है।
धांधली के आरोप, प्रशासन से दोबारा मंथन की मांग आरक्षण दोहराए जाने पर समाजसेवी रणछोड़ाराम चौधरी ने कड़ा ऐतराज जताते हुए पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से इस पर तत्काल पुनर्विचार करने की मांग करते हुए पूछा कि नियमानुसार चक्रानुक्रम लागू होने के बावजूद एक ही वर्ग के लिए वार्ड बार-बार कैसे रिपीट हो रहे हैं?
दोनों वार्डों के ग्रामीणों और स्थानीय प्रतिनिधियों ने लॉटरी प्रक्रिया में गड़बड़ी और धांधली की आशंका जताते हुए जिला प्रशासन व राजस्थान सरकार से इस निर्णय की समीक्षा करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने इस पर गंभीरता से विचार कर सुधार नहीं किया, तो आगामी दिनों में विरोध तेज किया जाएगा।







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