‘पराई वस्तु मिट्टी समान’ के संकल्प को चरितार्थ किया छगना राम और कृष्ण कुमार चौधरी ने; मोबाइल पाकर गोमती देवी के चेहरे पर लौटी मुस्कान
सर्किल न्यूज नेटवर्क रानीवाड़ा। कहते हैं कि “नेकी कभी जाया नहीं जाती” और आज के भौतिकवादी युग में जहाँ लोग दूसरों की गिरी हुई वस्तु पर अपना हक जमाने की कोशिश करते हैं, वहीं रानीवाड़ा में ईमानदारी की एक ऐसी मिसाल देखने को मिली जिसने समाज का सिर गर्व से ऊँचा कर दिया है। यहाँ एक युवक और सरकारी कार्मिक की सूझबूझ से एक महिला को उसका खोया हुआ कीमती फोन सुरक्षित वापस मिल गया।
पंचायत समिति मार्ग पर गिरा था फोन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रूपावटी कला निवासी गोमती देवी का महंगा मोबाइल फोन पंचायत समिति मार्ग पर कहीं गिर गया था। गोमती देवी ने फोन की काफी तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर उन्होंने फोन मिलने की उम्मीद पूरी तरह छोड़ दी थी।
ईमानदारी और कर्तव्य का अनूठा संगम
इसी दौरान, रतनपुर निवासी छगना राम चौधरी को वह लावारिस मोबाइल फोन सड़क पर मिला। फोन मिलने के बाद छगना राम के मन में उसे रखने का कोई लालच नहीं आया, बल्कि उन्होंने तुरंत इसके मालिक तक पहुँचने की ठानी। उन्होंने फोन के असली मालिक का पता लगाने के उद्देश्य से इसे सीबीईओ (CBEO) कार्यालय के कार्मिक कृष्ण कुमार चौधरी को सुपुर्द कर दिया।
प्रयास रंग लाए और मिली सफलता
कार्मिक कृष्ण कुमार चौधरी ने अपनी जिम्मेदारी समझते हुए फोन के असली मालिक को ढूँढने के प्रयास शुरू किए। काफी मशक्कत के बाद जब फोन मालिक की जानकारी पुख्ता हो गई, तब उन्होंने रूपावटी कला निवासी गोमती देवी और उनके परिजनों को कार्यालय आमंत्रित किया। पूरी तस्दीक और पहचान सुनिश्चित करने के बाद कृष्ण कुमार ने मोबाइल उन्हें सुरक्षित सौंप दिया।
मुस्कान के साथ मिला धन्यवाद
अपना खोया हुआ मोबाइल वापस पाकर गोमती देवी की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने छगना राम और कृष्ण कुमार चौधरी की ईमानदारी की दिल खोलकर सराहना की और उन्हें धन्यवाद दिया। स्थानीय लोगों ने भी इस नेक कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे लोग ही समाज के लिए सच्चे प्रेरणास्रोत होते हैं।
सच ही कहा गया है कि “ईमानदारी सबसे उत्तम नीति है”। आज की इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि भले ही जमाना कितना भी बदल जाए, लेकिन नैतिक मूल्यों को मानने वाले लोग आज भी हमारे बीच मौजूद हैं। छगना राम और कृष्ण कुमार जैसे व्यक्तित्व समाज में “सोने पर सुहागा” की तरह हैं, जो अपनी नेकी से इंसानियत की खुशबू फैला रहे हैं।



