करड़ा (जालोर) में बिश्नोई समाज के चहुंमुखी विकास के लिए एक ऐसा स्वर्णिम अध्याय लिखा गया है, जिसने समाज सेवा और संगठन की शक्ति को एक नई परिभाषा दी है। यह कहानी सिर्फ जमीन के एक टुकड़े को दान करने की नहीं है, बल्कि समाज के उज्ज्वल भविष्य, एकता और समग्र विकास की एक मजबूत नींव रखने की है।
जब समाज हित के लिए बढ़े कदम
चार भाइयों का एक विजन, जो बनेगा विकास का आधार
करड़ा, भापड़ी, डिगाँव, भाटीप एवं चाटवाड़ा के समस्त बिश्नोई समाज को एकजुट करने और समाज के युवाओं, बुजुर्गों व महिलाओं के बहुआयामी विकास के लिए एक ठोस कदम की जरूरत थी। इस जरूरत को धरातल पर उतारने का बीड़ा समाज के ही जागरूक भाइयों ने उठाया।
- सराहनीय पहल: ओमप्रकाश/रतनाजी बोला, हरिचंदराम/लाधुजी कुराड़ा, किशनाराम/रामलालजी कुराड़ा और मालाराम/भारमलजी काँवा ने मिलकर समाज हित में एक आवासीय भूमि खरीदी।
- बड़ा फैसला: इस पूरी आवासीय भूमि (करोडो) को इन भाइयों ने निजी उपयोग में लेने के बजाय गुरु जंभेश्वर बिश्नोई सेवा संस्थान, करड़ा (जालोर) को पूर्ण रूप से दान स्वरूप समर्पित कर दिया।
- उद्देश्य: इस समर्पण के पीछे का मुख्य ध्येय समाज को एक ऐसा केंद्र देना है, जहाँ से चहुंमुखी विकास की योजनाएं संचालित हो सकें।

अलग-अलग क्षेत्रों में खुलेगा प्रगति का रास्ता
इस ऐतिहासिक दान के बाद अब गुरु जंभेश्वर बिश्नोई सेवा संस्थान के माध्यम से समाज में कई बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे:
- शिक्षा और आवासीय सुविधाएं: इस भूमि पर आने वाले समय में समाज के विद्यार्थियों के लिए आधुनिक हॉस्टल, कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी का निर्माण हो सकेगा, जिससे युवाओं को करियर बनाने में मदद मिलेगी।
- संगठन और सामाजिक मजबूती: एक निश्चित स्थान होने से समय-समय पर सामाजिक बैठकें, चिंतन शिविर और युवा जागृति सम्मेलनों का आयोजन होगा, जिससे संगठन को नई धार मिलेगी।
- संस्कार और संस्कृति का संरक्षण: भावी पीढ़ी को नशे जैसी कुरीतियों से दूर रखकर गुरु जांभोजी के बताए २९ नियमों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
१५ जून: महाआयोजन और नए युग की शुरुआत
“यह आयोजन समाज एकता, गुरु जंभेश्वर भगवान की मर्यादा एवं समाज सेवा की भावना को समर्पित है।”

इस ऐतिहासिक भूमि दान को समाज सेवा के कार्यों में लगाने और इस पावन उपलक्ष्य का उत्सव मनाने के लिए आगामी १५ जून २०२६ (अमावस्या) को प्रातः ७:०० बजे से गुरु जंभेश्वर बिश्नोई सेवा संस्थान, करड़ा (जालोर) के प्रांगण में एक भव्य धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
मुख्य कार्यक्रम के आकर्षण:
- हवन यज्ञ एवं पाहल: वातावरण की शुद्धि और सात्विक विचारों के संचार के लिए भव्य यज्ञ होगा।
- महाप्रसादी एवं स्नेह मिलन: पांचों गांवों और आस-पास के क्षेत्र से जुटने वाले भाइयों और बहनों के बीच आपसी तालमेल बढ़ाने के लिए स्नेह मिलन का आयोजन किया जाएगा।
- पूर्ण रूप से नशामुक्त आयोजन: इस पूरे कार्यक्रम को पूरी तरह व्यसन-मुक्त रखकर समाज को एक मजबूत और स्वस्थ संदेश देने का संकल्प लिया गया है।
चहुंमुखी विकास का आह्वान
यह प्रेरणादायी कदम यह साबित करता है कि जब समाज के भीतर से ही निस्वार्थ भाव से दानदाता और कर्मवीर आगे आते हैं, तो समाज का संगठन हिमालय की तरह मजबूत हो जाता है। करड़ा के इस मंच से अब प्रगति का जो नया दौर शुरू होगा, वह आने वाली कई पीढ़ियों का मार्ग प्रशस्त करेगा। सभी समाज बंधुओं से निवेदन है कि इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनें और समाज निर्माण में अपनी भागीदारी निभाएं।



