जालोर/मोदरान। क्षेत्रवासियों ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, रेल राज्य मंत्री रविंद्र सिंह बीटू, वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता पवन राजपुरोहित और जालोर-सिरोही सांसद लुम्बाराम चौधरी को ज्ञापन भेजकर मोदरान और मोकलसर रेलवे स्टेशनों पर नई सुपरफास्ट रेल सेवा (गाड़ी संख्या 20625/20626) का ठहराव सुनिश्चित करने की मांग की।
प्रवासियों और क्षेत्रवासियों के लिए महत्वपूर्ण कदम यह रेल सेवा तमिलनाडु से पश्चिमी राजस्थान के प्रवासियों के लिए एक ऐतिहासिक सौगात है। इससे जालोर, सिरोही, पाली और आसपास के गांवों के लाखों प्रवासी नागरिकों को सुविधा मिली है, जो दक्षिण भारत में व्यापार, नौकरी और अन्य कार्यों के लिए निवास करते हैं। मोदरान और मोकलसर रेलवे स्टेशन इन प्रवासी परिवारों के लिए मुख्य संपर्क केंद्र हैं, जो समदड़ी-भीलड़ी रेलखंड पर स्थित हैं।
रेल संघर्ष समिति की अपील श्री आशापुरी माताजी रेल संघर्ष समिति मोदरान के अध्यक्ष रतन सिंह सोढा और उपाध्यक्ष जगमाल सिंह राजपुरोहित ने ज्ञापन में बताया कि गाड़ी संख्या 20625/20626 के ठहराव आदेश में मोदरान और मोकलसर को शामिल नहीं किया गया है, जिससे 10 दर्जन गांवों के यात्रियों को कठिनाई हो रही है। इन क्षेत्रों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री लंबी दूरी की ट्रेनों में सफर करते हैं।
धार्मिक और व्यापारिक महत्व मोदरान और मोकलसर क्षेत्र श्री आशापुरी माताजी मंदिर, श्री राणी भटीयाणी माताजी मंदिर (जसोल), श्री खेतेश्वर ब्रह्मधाम तीर्थ (आसोतरा) और प्रवासी व्यापारियों का केंद्र है। यहां से लगभग 8 से 10 लाख लोग रेलवे पर निर्भर हैं।
मांग और समाधान प्रवासियों और क्षेत्रवासियों के व्यापक हितों को ध्यान में रखते हुए, मोदरान और मोकलसर रेलवे स्टेशनों पर चेन्नई-भगत की कोठी सुपरफास्ट ट्रेन के ठहराव को तत्काल स्वीकृति देने की मांग की गई है, ताकि इस बहुप्रतीक्षित रेल सेवा का लाभ अधिकतम यात्रियों तक पहुंच सके। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि रेल मंत्रालय इस मांग पर जल्द निर्णय लेगा।



