### प्रशासन को अल्टीमेटम; वीडीओ को सौंपा ज्ञापन, बोले- समाधान नहीं हुआ तो ठप करेंगे चक्का जाम!
Circle News Network
पूरण ग्राम पंचायत में हाहाकार: बूंद-बूंद पानी को तरसे ग्रामीण,
गंदगी के ढेरों से बीमारियों का मंडराया खतरा!
प्रशासन की अनदेखी से फूटा ग्रामीणों का गुस्सा;
वीडीओ को सौंपा ज्ञापन, उग्र आंदोलन की दी चेतावनी
जसवंतपुरा (जालौर)। विकास खंड जसवंतपुरा की ग्राम पंचायत पूरण में इन दिनों हालात बद से बदतर हो चुके हैं। बुनियादी सुविधाओं के नाम पर ग्रामीणों को केवल कोरे आश्वासन मिल रहे हैं, जिससे पूरी पंचायत के नागरिकों में भारी आक्रोश व्याप्त है। पेयजल किल्लत और चारों तरफ फैली गंदगी की विकट समस्याओं को लेकर आज समस्त ग्रामवासियों ने एकजुट होकर ग्राम विकास अधिकारी (VDO) महोदय को एक तीखा ज्ञापन सौंपा और जल्द से आज ही इस पर त्वरित कार्रवाई करने की मांग की।

भीषण गर्मी में पानी ठप, महंगे टैंकरों का सहारा ग्रामीणों ने चेतावनी भरे लहजे में बताया कि पूरण ग्राम पंचायत में पिछले काफी समय से पीने के पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ी है। इस नौतपा और भीषण गर्मी के मौसम में पानी नहीं आने के कारण यहां के निवासियों को बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। हालात इतने दयनीय हैं कि ग्रामीणों को मजबूरन दूर-दराज के क्षेत्रों से भटककर पानी लाना पड़ रहा है या फिर अपनी जेबें ढीली कर महंगे दामों पर निजी टैंकरों से पानी मंगवाना पड़ रहा है। आखिर कब तक जनता इस तरह पिसेगी?
सफाई व्यवस्था ध्वस्त, नालियां जाम, मच्छरों का तांडव पानी की किल्लत तो एक तरफ, दूसरी तरफ पूरण में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। गांव की गलियों और मुख्य रास्तों पर लंबे समय से झाड़ू तक नहीं लगी है, जिसके कारण जगह-जगह कचरे के बड़े-बड़े ढेर लग गए हैं। नालियां पूरी तरह से जाम (अटी) पड़ी हैं, जिससे गंदा और बदबूदार पानी सड़कों पर बह रहा है। इस भीषण गंदगी के चलते गांव में मच्छरों का प्रकोप इस कदर बढ़ गया है कि मौसमी और गंभीर बीमारियां फैलने का पूरा अंदेशा बना हुआ है। ग्रामीण अब अपने स्वास्थ्य को लेकर दहशत में हैं।
चेतावनी: तुरंत शुरू हो काम, नहीं तो आंदोलन तय! ग्रामवासियों ने वीडीओ को सौंपे ज्ञापन में दो टूक शब्दों में मांग की है कि:
- पानी की सप्लाई बंद होने के कारणों की तुरंत जांच करवाकर पेयजल आपूर्ति को तत्काल बहाल किया जाए।
- संपूर्ण ग्राम पंचायत में विशेष सफाई अभियान चलाकर जाम पड़ी नालियों को साफ करवाया जाए।
- मच्छरों से बचाव के लिए गांव के कोने-कोने में कीटनाशक (ब्लीचिंग पाउडर/फॉगिंग) का तुरंत छिड़काव करवाया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर प्रशासन ने इस जनहित के मुद्दे पर तुरंत कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो समस्त ग्रामवासी सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। देखना यह है कि कुंभकर्णी नींद में सोया विभाग इस चेतावनी के बाद जागता है या नहीं।



