सर्किल न्यूज नेटवर्क
जालोर/जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा अपने जालोर दौरे के दौरान एक अलग ही अंदाज में नजर आए. पंसेरी गांव में सुबह की सैर (मॉर्निंग वॉक) करते हुए उन्होंने न केवल ग्रामीणों से ‘रामा-श्यामा’ की, बल्कि गांव के विकास की कमान खुद संभालते हुए मौके पर ही अधिकारियों को बड़े निर्देश जारी किए.

आम आदमी की तरह जिए सुबह: बच्चों को चॉकलेट, बड़ों से संवाद
मुख्यमंत्री ने सुबह की शुरुआत पंसेरी की गलियों में पैदल घूमकर की. इस दौरान उन्होंने:
- नन्हे मुन्नों से प्यार: स्कूल जा रहे बच्चों को रोककर उनसे पढ़ाई पर बात की और उन्हें चॉकलेट-टॉफी बांटी.
- खेती-किसानी पर चर्चा: पशुपालकों और किसानों के बीच बैठकर कृषि और पशुपालन से जुड़ी जमीनी समस्याओं पर आत्मीय बातचीत की.
- चौहट्टे पर चौपाल: गांव के मुख्य केंद्र (चौहटा) पर बैठकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं, जहां ग्रामीणों ने साफा पहनाकर उनका भव्य स्वागत किया.

विकास की ‘डिजिटल रफ़्तार’: कलक्टर को दिए कड़े निर्देश
मुख्यमंत्री ने जालोर के जिला कलक्टर को बजट घोषणाओं के तीव्र क्रियान्वयन और नई योजनाओं के लिए स्पष्ट निर्देश दिए:
- सड़क उन्नयन: सुन्धामाता मंदिर से मालवाड़ा और पंसेरी से नीलकंठ महादेव तक सड़क के कायाकल्प की कार्ययोजना बनाने के निर्देश.
- युवाओं को स्टेडियम: पंसेरी में खेल स्टेडियम के लिए जल्द जमीन चिन्हीकरण का आदेश.
- खेती और व्यापार: मालवाड़ा में नई सब्जी मंडी के निर्माण और जल संकट दूर करने के लिए एनीकट (Anicut) निर्माण की व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार करने को कहा.
- बिजली और पशु स्वास्थ्य: क्षेत्र में नए ट्रांसफार्मर लगाने और पंसेरी में पशु चिकित्सालय के लिए भूमि आवंटन कार्य को गति देने के निर्देश दिए.

सुन्धा माता के दरबार में मांगी सुख-समृद्धि
दोपहर में मुख्यमंत्री प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री सुन्धा माता मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर राजस्थान की खुशहाली और तरक्की की कामना की. इस दौरान उनके साथ मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग, उद्योग मंत्री के.के. विश्नोई और विधायक छगन सिंह राजपुरोहित सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे.
मुख्यमंत्री का यह दौरा न केवल प्रशासनिक कड़ाई बल्कि जनता के साथ उनके सीधे जुड़ाव के लिए क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है.



