विधानसभा में गरजे भीनमाल विधायक; कहा- मारवाड़ की कद्र करना सीखें, इंस्पेक्टराज पर लगाम और भीनमाल के विकास को प्राथमिकता दे सरकार
भीनमाल/जयपुर। विधानसभा के बजट सत्र के दौरान भीनमाल विधायक डॉ. समरजीत सिंह ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा प्रहार करते हुए क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं को सदन के पटल पर रखा। उन्होंने सरकार को नसीहत देते हुए कहा कि बजट को केवल कागजों और 10 स्तंभों तक सीमित न रखकर उसे धरातल पर उतारने का प्रयास करें।
रिफाइनरी और बजट पर सरकार को घेरा
विधायक डॉ. समरजीत ने कहा कि सरकार केवल केंद्र और भारी उद्योगों के भरोसे बैठी है। उन्होंने सवाल किया कि रिफाइनरी से अब तक क्या हासिल हुआ? उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार बजट के लिए केवल अधिकारियों को OTS (Officer Training School) में बैठा देती है, लेकिन असलियत में जनता को कुछ नहीं मिलता। उन्होंने कहा, “आप केवल अंबानी और अडानी के भरोसे कब तक रहेंगे? मारवाड़ी समाज की कद्र करना सीखें और उनके लिए उचित प्लेटफॉर्म तैयार करें।”
औद्योगिक क्षेत्र और इंस्पेक्टराज की समस्या
व्यापारियों की पीड़ा साझा करते हुए विधायक ने कहा कि आज हर व्यक्ति व्यापारी है, लेकिन बढ़ता ‘इंस्पेक्टराज’ उनके लिए मुसीबत बना हुआ है। सरकार को इस पर लगाम लगानी चाहिए। उन्होंने बिठन और भीनमाल क्षेत्र के RIICO (रीको) क्षेत्र की बदहाली का मुद्दा उठाते हुए कहा कि वहां सुविधाओं का अभाव है और सड़कें पूरी तरह बेहाल हैं। जयपुर के जनपथ सहित भीनमाल की सड़कों की हालत अत्यंत दयनीय है।
भीनमाल की प्रमुख मांगें और अधूरी योजनाएं
विधायक ने सदन में भीनमाल की निम्नलिखित प्रमुख मांगों को प्रमुखता से रखा:
- पेयजल संकट: वर्ष 2013 में स्वीकृत पेयजल योजना आज तक कागजों में ही है, जनता को पानी नसीब नहीं हो रहा।
- चिकित्सा: 2024 में भीनमाल में उप जिला अस्पताल स्वीकृत किया गया था, लेकिन धरातल पर उसका कोई अता-पता नहीं है।
- इंफ्रास्ट्रक्चर: भीनमाल में रिंग रोड के बिना विकास का कोई मतलब नहीं है। मिसिंग लिंक सड़कों के लिए बहुत कम बजट दिया गया है।
- नर्मदा नहर और सुजलाम सुफलाम: नर्मदा की नवीन DPR में भीनमाल को भी जोड़ा जाए और सुजलाम सुफलाम योजना का लाभ जालौर जिले को मिलना चाहिए।
डॉ. समरजीत सिंह ने पूर्व सरकार के कार्यों की गति की सराहना करते हुए वर्तमान सरकार को चेतावनी दी कि यदि समय रहते इन योजनाओं पर कार्य नहीं हुआ, तो जनता जवाब मांगेगी।



