NALSA वीर परिवार सहायता योजना के तहत बैठक आयोजित; रक्षा मंत्रालय तक पहुंचेगी सैनिकों की हर समस्या
रानीवाड़ा | राष्ट्र की सीमाओं की रक्षा करने वाले वीर जवानों के सम्मान और उनकी सामाजिक सुरक्षा को लेकर रक्षा मंत्रालय (MoD) एवं केंद्रीय सैनिक बोर्ड ने एक अत्यंत सराहनीय और ऐतिहासिक कदम उठाया है। ‘NALSA वीर परिवार सहायता योजना 2025’ के अंतर्गत, रानीवाड़ा कोर्ट परिसर में तालुका विधिक सेवा समिति के बैनर तले पूर्व सैनिकों एवं उनके परिजनों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य न केवल सैनिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना था, बल्कि उनके जीवन में आने वाली व्यावहारिक और कानूनी अड़चनों को दूर करने के लिए एक सीधा मंच प्रदान करना था।
योजनाओं की जानकारी और संवाद
बैठक के मुख्य वक्ता, भारतीय वायु सेना के सेवानिवृत्त सार्जेंट (Adv) रमेश कुमार आंजणा (निवासी दहीपुर) ने उपस्थित पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को संबोधित किया। उन्होंने विस्तार से बताया कि केंद्र सरकार और सैनिक बोर्ड द्वारा शिक्षा, चिकित्सा, पेंशन और पुनर्वास के लिए कौन-कौन सी कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं।
उन्होंने आश्वस्त किया कि सैनिकों या उनके परिवारों को किसी भी प्रकार की समस्या होने पर उसका पूरा ब्यौरा तैयार कर सीधे रक्षा मंत्रालय को भेजा जाएगा, ताकि त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
इन दिग्गजों की रही उपस्थिति
बैठक में क्षेत्र के कई गौरव सेनानियों ने हिस्सा लेकर चर्चा को सकारात्मक बनाया:
- सार्जेंट ढोकल सिंह जी (सेवानिवृत्त, भारतीय वायु सेना – आजोदार)
- हवलदार उदाराम जी परमार (सेवानिवृत्त, थल सेना – जाखड़ी)
- नायक मनरूपा राम जी परमार (सेवानिवृत्त, थल सेना – जाखड़ी)
- नायक वीरा राम जी देवासी (सेवानिवृत्त, थल सेना – मेडक)
- आजाद हिंद फौज के वीर सेनानी स्व. जोधाराम जी चौधरी (गोंग) के परिवार से उनके पौत्र भभूता राम चौधरी ने भी शिरकत की।
तालुका विधिक सेवा समिति: क्या है इसकी भूमिका?
बैठक का आयोजन जिस विधिक सेवा समिति के तत्वावधान में हुआ, उसका मुख्य कार्य समाज के हर वर्ग, विशेषकर सैनिकों और उनके आश्रितों को नि:शुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराना है।
- कानूनी जागरूकता: कई बार पूर्व सैनिकों को पेंशन संबंधी विसंगतियों या भूमि विवादों में कानूनी पेचीदगियों का सामना करना पड़ता है।
- लोक अदालत और मध्यस्थता: समिति के माध्यम से बिना किसी खर्च के लंबे समय से लंबित मामलों का निपटारा आपसी समझाइश से किया जाता है।
- अधिकारों की रक्षा: यदि किसी सैनिक परिवार का शोषण होता है, तो तालुका विधिक सेवा समिति उनके लिए न्याय का द्वार बनती है।
कृतज्ञता और सकारात्मक पहल
बैठक के अंत में सभी पूर्व सैनिकों ने परिवार का हाल-चाल जानने और योजनाओं की विस्तृत जानकारी देने के लिए मुख्य वक्ता सार्जेंट रमेश आंजणा का आभार व्यक्त किया। रानीवाड़ा क्षेत्र के पूर्व सैनिकों ने इस पहल को रक्षा मंत्रालय की एक ‘बेहतरीन संजीवनी’ बताया, जिससे सेवानिवृत्ति के बाद भी सैनिकों को यह महसूस हो सके कि देश उनके साथ खड़ा है।



