धानेरा में जुटी समाज की बड़ी हस्तियाँ; रानीवाड़ा विधायक रतनजी देवासी ने कहा- ‘कुरीतियाँ त्यागें और शिक्षा पर ध्यान दें’
धानेरा (ब्यूरो रिपोर्ट)। उत्तर गुजरात रबारी समाज ने आने वाली पीढ़ी के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। समाज में व्याप्त कुरीतियों और विवाह व मृत्यु भोज जैसे अवसरों पर होने वाले अनावश्यक खर्चों को पूर्णतः बंद करने के लिए धानेरा में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य एक नया ‘सामाजिक संविधान’ तैयार करना है, जिसके माध्यम से समाज के करोड़ों रुपये बचाकर उन्हें बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर खर्च किया जा सके।
रतनजी देवासी ने किया शिक्षा पर जोर इस अवसर पर राजस्थान के रानीवाड़ा विधायक रतनजी देवासी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने समाज को संबोधित करते हुए कहा कि समय बदल रहा है और हमें अपनी पुरानी और खर्चीली परंपराओं को छोड़कर आधुनिकता और शिक्षा को अपनाना होगा। देवासी ने जोर देते हुए कहा, “समाज तब ही सशक्त बनेगा जब हमारा युवा शिक्षित होगा। फिजूलखर्ची में बर्बाद होने वाला पैसा अगर स्कूलों और कॉलेजों में जाए, तो रबारी समाज विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा।”

500 करोड़ की बचत का लक्ष्य धानेरा विधायक मावजी देसाई की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पूर्व विधायक गोवाभाई रबारी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। बैठक में यह अनुमान लगाया गया कि शादी-ब्याह और अन्य अवसरों पर होने वाले अनावश्यक खर्चों को रोककर समाज प्रतिवर्ष लगभग 500 करोड़ रुपये की बचत कर सकता है। विधायक मावजी देसाई ने बताया कि इस पहल से न केवल आर्थिक स्थिति सुधरेगी, बल्कि समाज में व्याप्त कर्ज की समस्या भी खत्म होगी।
25 जनवरी को लागू होगा नया संविधान बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस सामाजिक सुधार अभियान को औपचारिक रूप देने के लिए आगामी 25 जनवरी को डीसा के समशेरपुरा स्थित एम.एम. देसाई शैक्षणिक संकुल में एक विशाल सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसी दिन नए ‘सामाजिक संविधान’ की आधिकारिक घोषणा की जाएगी और इसे पूरे उत्तर गुजरात में लागू किया जाएगा।
मुख्य आकर्षण:
- शिक्षा पर निवेश: समाज सुधार का मुख्य केंद्र युवाओं की शिक्षा।
- कुरीतियों पर प्रहार: मृत्यु भोज और दिखावे के खर्चों पर पूर्ण प्रतिबंध का प्रस्ताव।
- एकजुटता: धानेरा और रानीवाड़ा (राजस्थान) के जनप्रतिनिधियों का साझा मंच।



