हजारों जायरीनों ने की ‘ख्वाजा’ की शान में दुआएं; हिंदुस्तान के लिए ‘अमन’ का पैगाम
सर्कल न्यूज़ नेटवर्क, रानीवाडा।
रानीवाड़ा: रेगिस्तानी राजस्थान की सरजमीं पर स्थित, इबादत और अकीदत का मरकज साईंजी की बैरी की हजरत हाजी कादर शाह बाबा की दरगाह पर 48वां सालाना उर्स अकीदत के साथ मुकम्मल हो गया। बुधवार की सुबह झंडे की रस्म से जिसका आगाज़ हुआ, वह आखिरी कुल की रस्म अदायगी के साथ ही बा-खूबी इख्तिताम को पहुंचा। यह तीन रोज़ा उर्स, इश्क-ए-सूफियत और हिंदुस्तानी तहज़ीब का एक खूबसूरत मंजर पेश करता है, जहां हर साल राजस्थान और गुजरात प्रांत से बड़ी तादाद में जायरीन अपनी हाजिरी दर्ज कराने आते हैं।

**दरगाह का शानदार इतिहास: साईं जी की बैरी का रूहाणी सफ़र
हजरत हाजी कादर शाह बाबा की यह दरगाह सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि रुहानियत और यकीन की एक जीती-जागती मिसाल है। स्थानीय रिवायतों के मुताबिक, बाबा कादर शाह रहमतुल्लाह अलैह ने बरसों पहले इस वीरान मक़ाम को अपनी तपस्या और करिश्मों से आबाद किया था। इस मकाम को साईंजी की बैरी इसलिए कहा जाता है क्योंकि यहां पर एक पुरानी बैरी मौजूद थी, जिसका पानी बाबा के मुबारक कदमों से बरकत वाला हो गया था। बाबा का पैगाम हमेशा इंसानियत और आपसी मोहब्बत का रहा, जिसकी वजह से यह दरगाह आज भी हर मजहब के लोगों के लिए इत्मीनान का सबब बनी हुई है।

**कव्वाली नाइट की रौनक: कमर अहमद वारसी की लाजवाब पेशकश
उर्स के दौरान रातभर चली कव्वाली के महफ़िल ने समां बांध दिया। दरगाह के चन्दल के साथ ही हिंदुस्तान के मशहूर कव्वाल कमर अहमद वारसी ने अपनी मखमली आवाज़ से अकीदतमंदों का दिल जीत लिया। ‘ख्वाजा मेरे ख्वाजा’ समेत एक से बढ़कर एक लाजवाब कव्वालियों की प्रस्तुति से फिजा इलाही नूर से मुनव्वर हो गई।
वतन के लिए ‘अमन’ का सच्चा पैगाम
इस मुबारक मौके पर डिशा के मोहम्मद अली और हसन अली ने अपने खिताब में वतन की खुशहाली और अमन-ओ-शांति का नायाब पैगाम दिया। उन्होंने पुरजोर अंदाज़ में कहा कि जब तक हिन्दुस्तान की सर जमीन पर ख्वाजा की पैरवी करने वाले मौजूद हैं, तब तक कोई भी बुरी नज़र इस मुल्क पर नहीं उठा सकता। इस ज़ज़्बाती तक़रीर पर जायरीन ने इज़्ज़त से सर झुका लिया।

ये हस्तियां रहीं मौजूद
दरगाह कमेटी अध्यक्ष मिस्त्री आबाद खां ने मोहम्मद अली व हसन अली का इस्तकबाल कर उनका दिल से शुक्रिया अदा किया। खादिम सदीक खां ने पीर ऐ तरीकत का स्वागत किया। कमेटी द्वारा प्रधान राघवेन्द्र सिंह, रानीवाड़ा ग्राम सेवा सहकारी समिति के सदर राव गुमान सिंह, पत्रकार रविन्द्र सिंह उमट, भैरूसिंह रानीवाडा खुर्द सहित तमाम आने वाले मेहमानों का भी तह-ए-दिल से खातिरदारी की गई।
इस पावन अवसर पर पपन भाई, इलियास खान बागरा, अनवर भाई सुमरा, कालू भाई, सुमरा समाज अध्यक्ष हुसैन खा, अस्कर खान, मोइनुद्दीन खान एडवोकेट, रमजान खान, नजीर भाई, सिकंदर खां, यासीन खान, फ़िरोज़ खान सहित हजारों की तादाद में जायरीन उपस्थित रहे, जिन्होंने रूहानी सुकून महसूस किया।



