फसलें बर्बाद, मुआवजे की आस में किसान
रानीवाड़ा (जालोर)।
रानीवाड़ा क्षेत्र के किसानों की मुसीबतें इस बार चरम पर हैं। लगातार बारिश ने मूंगफली की अच्छी पैदावार को खेतों में ही सड़ा दिया। किसान अब सरकार से त्वरित राहत और मुआवजे की आस लगाए बैठे हैं। मंगलवार को ’भारतीय किसान संघ, राजस्थान प्रदेश जोधपुर प्रांत’ के नेतृत्व में किसानों ने उपखंड अधिकारी सुनीलकुमार को ज्ञापन सौंपते हुए मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत हस्तक्षेप की मांग की।
संकट की जड़: बारिश ने बिगाड़ी मेहनत
प्रांत उपाध्यक्ष सोमाराम चौधरी ने बताया कि इस बार क्षेत्र में मूंगफली की फसल शानदार थी, लेकिन फसल पकने के समय लगातार बारिश के चलते कई खेतों में मूंगफली कटाई से पहले ही सड़ गई। इससे किसानों को लाखों का नुकसान हुआ है। किसान संघ ने सरकार से विशेष गिरदावरी करवाकर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।

बकाया भुगतान और बीमा क्लेम भी अटके
किसानों ने ज्ञापन में यह भी बताया: रबी व खरीफ 2023 के पोस्ट हार्वेस्ट बकाया का भुगतान अब तक नहीं हुआ। खरीफ 2024 के फसल बीमा क्लेम भी लंबित हैं। बीमा राशि समय पर न मिलने से किसान खरीफ 2025 में बीमा कराने से वंचित हो सकते हैं।
स्वस्थ भारत मिशन का बजट, लेकिन जमीनी असर नहीं
किसान प्रतिनिधियों ने बताया कि क्षेत्र की पंचायतों को स्वस्थ भारत मिशन के तहत बजट तो मिला, लेकिन उसका कोई क्रियान्वयन नहीं दिखा। बरसाती बीमारियों से ग्रामीण बेहाल हैं, स्वस्थता कार्यों की पारदर्शिता पर भी सवाल उठे हैं।
किसान बोले: मुख्यमंत्री खुद लें संज्ञान
ज्ञापन सौंपते समय किसान प्रतिनिधि बाबूराम चौधरी, प्रभाराम चौधरी, पन्ना राम चौधरी, करमी राम जाखड़ी सहित कई किसान मौजूद रहे।
किसान संघ ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि वे व्यक्तिगत हस्तक्षेप कर राहत सुनिश्चित करें, ताकि किसान आगामी फसल चक्र की तैयारी कर सकें।



