चिंतन शिविर में कुरीतियों पर कड़ा प्रहार, मेधावी छात्र-छात्राओं का हुआ बहुमान, तलवारबाजी के जौहर देख थमी सांसें
उनडी (जालौर)। संगठन में ही शक्ति है और जब समाज के प्रबुद्धजन एक जाजम पर बैठकर कुरीतियों को मिटाने का बीड़ा उठाते हैं, तो इतिहास बदल जाता है। इसी गौरवशाली सोच के साथ उनडी स्थित नागाणा राय रिसोर्ट में श्री राजपूत सर्वोत्तम सहयोग संस्था भारत एवं दहेज विरोधी क्षत्रिय संघ भारत के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय भव्य सम्मेलन और चिंतन शिविर संपन्न हुआ। जोग सिंह देवड़ा डूंगरी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 23 और 24 मई को आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज को नई दिशा देना और समाज में व्याप्त कुरीतियों पर कड़ा प्रहार करना रहा। संस्था के संस्थापक महेंद्र सिंह जाखली के नेतृत्व में पूरी टीम और समाज के गणमान्य लोगों के सहयोग से यह पूरा आयोजन अत्यंत गरिमामय वातावरण में भव्यता के साथ आयोजित किया गया।

इस दो दिवसीय महासंगम में जयपुर और जोधपुर से आई तलवारबाजी की टीमों ने बेहद हैरतअंगेज और शानदार प्रस्तुतियां देकर पांडाल में मौजूद हजारों लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में तारातरा मठ के मठाधीश प्रतापपुरी बावजी, चितलवाना के राव मोहन सिंह, पादरू के कुंवर प्रेम सिंह उमड़ी, विक्रम सिंह, हड़मत सिंह, पूर्व विधायक नारायण सिंह देवल और भीनमाल विधायक समरजीत सिंह दासपा सहित दिलीप सिंह मांडवी व रानीवाड़ा के नवल सिंह देवड़ा उपस्थित रहे। इस दौरान समाज हित को समर्पित इस मंच से शैक्षणिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले और परीक्षाओं में अंतिम अंक (सर्वोच्च अंक) लाने वाले प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को विशेष रूप से सम्मानित कर उनका हौसला बढ़ाया गया। कार्यक्रम में हजारों की संख्या में क्षत्रिय और क्षत्राणियों की उपस्थिति ने एकता का बड़ा संदेश दिया।

मंच से समाज को संबोधित करते हुए भीनमाल विधायक समरजीत सिंह दासपा ने कहा कि शिक्षा ही वह अचूक हथियार है जिससे समाज का कायाकल्प हो सकता है। युवा पीढ़ी को आधुनिक शिक्षा से जुड़ने के साथ-साथ अपनी संस्कृति को अक्षुण्ण रखना होगा। वहीं पूर्व विधायक नारायण सिंह देवल ने अपने संबोधन में कुरीतियों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि फिजूलखर्ची और दहेज जैसी प्रथाएं समाज को खोखला कर रही हैं, इन्हें मिटाने के लिए युवाओं को आगे आना होगा और सामूहिक फैसलों का सम्मान करना होगा।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में मंगल सिंह सिराणा, जेठू सिंह भालनी, हीर सिंह चोराऊ, कल्याण सिंह सवराटा, चेल सिंह रतनपुर, ईश्वर सिंह दूधवा, महिपाल सिंह दासपा, रघुपाल सिंह चोराऊ, वीरेंद्र सिंह चम्पावत दूदिया, भीम सिंह चौराऊ, भंवर सिंह देता और नारायण सिंह उनडी सहित सभी कार्यकर्ताओं और पूरी टीम ने दिन-रात जुटकर अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।



