शिष्टाचार भेंट: गौ-सेवा, गुरुकुल और पर्यावरण संरक्षण के ‘विशाल प्रोजेक्ट्स’ देख अभिभूत हुए मुख्यमंत्री; शिवासन भाखरी के दर्शन की जताई इच्छा
जयपुर। आध्यात्मिक चेतना के केंद्र जालमपुरा स्थित ललिता त्रिपुर सुंदरी धाम के पीठाधीश्वर संत श्री सुमन सुलभ ब्रह्मचारी महाराज (स्वामी त्रिपुरानंद जी महाराज) राजधानी जयपुर में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और भारतीय जनता पार्टी मदन राठौड़ के प्रदेश अध्यक्ष से शिष्टाचार मुलाकात की। इस उच्च स्तरीय मुलाकात के दौरान न केवल धार्मिक चर्चा हुई, बल्कि क्षेत्र के विकास और सांस्कृतिक संरक्षण को लेकर भी गहरा मंथन किया गया।

सांसदों की गरिमामय उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण बैठक के अवसर पर जालोर-सिरोही क्षेत्र के लोकप्रिय सांसद लुबाराम चौधरी और पाली के सांसद पी.पी. चौधरी भी उपस्थित रहे। जनप्रतिनिधियों और संत शक्ति के इस संगम ने इस मुलाकात को और भी अर्थपूर्ण बना दिया।
गौ-सेवा और गुरुकुल प्रोजेक्ट्स ने जीता मुख्यमंत्री का दिल
मुलाकात के दौरान महाराज श्री ने मुख्यमंत्री के साथ अपने आगामी और निर्माणाधीन प्रोजेक्ट्स की विस्तृत जानकारी साझा की। इनमें विशेष रूप से:
- आधुनिक गुरुकुल पद्धति: नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ने की योजना।
- जीव संरक्षण एवं पर्यावरण: प्रकृति और वन्यजीवों को बचाने के ठोस प्रयास।
- गौ-सेवा संकल्प: गौवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए बड़े स्तर पर हो रहे कार्य।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा इन परियोजनाओं के ब्लूप्रिंट को देखकर काफी प्रभावित हुए। उन्होंने महाराज श्री के इन सेवा कार्यों की सराहना करते हुए इसे प्रदेश के लिए प्रेरणादायक बताया।
शिवासन भाखरी के प्रति मुख्यमंत्री की आस्था
चर्चा के दौरान जब महाराज श्री ने जालमपुरा क्षेत्र की धार्मिक महत्ता और शिवासन भाखरी की दिव्यता का वर्णन किया, तो मुख्यमंत्री स्वयं को रोक नहीं पाए। उन्होंने इस पवित्र स्थल के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त करते हुए जल्द ही शिवासन भाखरी के दर्शन करने की इच्छा जाहिर की। मुख्यमंत्री का यह संकल्प क्षेत्र के श्रद्धालुओं के लिए बड़े हर्ष का विषय है।
समरसता और आध्यात्मिक जागरूकता पर बल
महाराज श्री ने मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष के सम्मुख समाज में संस्कार, समरसता और आध्यात्मिक चेतना को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि भौतिक विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण भी अनिवार्य है। मुख्यमंत्री ने भी संत के विचारों का समर्थन करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के समग्र विकास और सनातन परंपराओं की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई भेंट
यह मुलाकात बेहद आत्मीय और सकारात्मक माहौल में संपन्न हुई। राजनीतिक गलियारों और धार्मिक जगत में इस भेंट को क्षेत्र के सर्वांगीण विकास और सामाजिक समरसता के लिए एक शुभ संकेत माना जा रहा है।
रिपोर्ट: सर्कल न्यूज़ नेटवर्क



