जसवंतपुरा। वन विभाग में अवैध खनन माफिया द्वारा क्षेत्रीय वन अधिकारी, बीजागुड़ा, जिला राजसमंद की निर्मम हत्या किये जाने पर मृतक स्वर्गीय किशोर कुमार क्षेत्रीय वन अधिकारी को शहीद का दर्जा देने व घायल वन रक्षक विष्णुकुमार को अतिरिक्त पदोन्नति दिलवाने की मांग को लेकर आज जसवंतपुरा वन विभाग की टीम ने रैंजर कृष्णकुमार के नेतृत्व में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
जानकारी के मुताबिक, गत 24 फरवरी को वन भूमि पर किये गये अवैध खनन की रोकथाम करने पर खनन माफिया द्वारा वन रेंज बिजागुड़ा, जिला राजसमंद में कार्यरत क्षेत्रीय वन अधिकारी किशोर कुमार व वनरक्षक विष्णु कुमार को राजकार्य के दौरान ट्रेक्टर से कुचल दिया गया। जिससे क्षेत्रीय वन अधिकारी, बिजागुड़ा, जिला राजसमंद किशोर कुमार की मृत्यु हो गई व वनरक्षक विष्णु कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया।
रैंजर ने बताया कि वन भूमि पर अतिक्रमण व अवैध खनन करने वाले वन अपराधी आधुनिक संसाधनों के साथ वन अपराधों को अंजाम देने आते हैं, लेकिन वन विभाग की रेंजों व नाकों पर ना ही तो पर्याप्त स्टॉफ होता है और ना ही पर्याप्त संसाधन। इस कारण आये दिन वन अपराधियों से मुठभेड़ में वन कार्मिक घायल होते रहते हैं।
उन्होंने बताया कि प्रकरण में त्वरित कार्यवाही करवाकर दोषी ट्रेक्टर चालक व खनन माफिया को सख्त सजा दिलवाई जावें। अपने कर्तव्य निर्वहन के दौरान राजकार्य करते हुऐ अपने प्राण गंवाने वाले वीर क्षेत्रीय वन अधिकारी स्वर्गीय किशोर कुमार, जिसकी निर्मम हत्या कर दी गई, को शहीद का दर्जा दिया जावे। मृतक क्षेत्रीय वन अधिकारी के आश्रित परिवार को तुरन्त क्षतिपूर्ति के रूप में एक करोड रूपये की वित्तीय सहायता राज्य सरकार के द्वारा अन्य लाभों के अतिरिक्त दी जावें।
इसी तरह, मृतक के आश्रित परिवार के योग्य सदस्य को मृतक के समानार्थक राजपत्रित पद पर नियुक्ति दी जावे। घायल वन रक्षक विष्णु कुमार को एक अतिरिक्त पदोन्नति दी जाकर उनके साहस को राज्य स्तर पर पुरूष्कृत किया जावें। राज्य की प्रत्येक रेंज में चारपहिया वाहन व प्रत्येक वनपाल नाके पर दोपहिया वाहन उपलब्ध करवाया जावें। वन रेंजो में पर्याप्त स्टॉफ व हथियार उपलब्ध करवाये जावें।
इस तरह की घटनाओं का मुख्य कारण वन विभाग के फील्ड स्टाफ की सुरक्षा को लेकर कोई भी व्यवस्था का नहीं होना, रेंजों में गाडियों आदि के जैसी अतिआवश्यक सुविधाओ का अभाव होना, प्रशिक्षण देने के बावजूद हथियारों की अनुपलब्धता होना, सिमित स्टाफ होने के बावजूद क्षेत्रीय वन अधिकारी पर हर तरह की परिस्थितियों से बिना संसाधनों के निपटने का दबाव होना है।
इस तरह की घटनाओं की पुनरावर्ती नहीं हो इस के लिए आवश्यक है कि क्षेत्रीय वन अधिकारी कार्यालय को केंद्र सरकार के नियमों के अनुरूप व अन्य राज्यों के समान कर्तव्यो के निर्वहन में दी जाने वाली समस्त आवश्यक सुविधायें व शक्तियां प्रदान की जाये ताकि प्रदेश में अवैध खनन व अतिक्रमण पर प्रभावी कार्यवाही की जा सके साथ ही वृक्षारोपण का सरंक्षण किया जा सके।



