अब चंद सेकंड में होगी मुंह के कैंसर की पहचान: ‘मुख आरोग्य’ ऐप को मिला भारत सरकार से पेटेंट
सर्किल न्यूज नेटवर्क
भोपाल। राजधानी भोपाल स्थित गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) ने स्वास्थ्य सेवा और तकनीक के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। कॉलेज के डेंटल सर्जरी विभाग द्वारा विकसित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित ‘मुख आरोग्य’ ऐप और स्क्रीनिंग डिवाइस को भारत सरकार से पेटेंट मिल गया है। यह नई तकनीक मुंह के कैंसर की शुरुआती पहचान को न केवल बेहद आसान और तेज बनाएगी, बल्कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में कैंसर नियंत्रण के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी।
क्या है यह तकनीक और कैसे करती है काम?
‘मुख आरोग्य’ ऐप और स्क्रीनिंग डिवाइस को एआई तकनीक से लैस किया गया है। इस तकनीक के तहत मरीज के मुंह के घाव या किसी संदिग्ध हिस्से की फोटो ऐप पर अपलोड की जाती है। ऐप का एआई सिस्टम चंद सेकंड में इसका सटीक विश्लेषण करता है और यह स्पष्ट कर देता है कि संबंधित समस्या सामान्य बैक्टीरियल संक्रमण (Infection) है या इसमें कैंसर की आशंका है।
गांवों और दूरस्थ इलाकों तक ऐसे पहुंचेगी तकनीक
इस तकनीक को मुख्य रूप से जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है:
- स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का सशक्तिकरण: ऐप को विशेष रूप से आशा कार्यकर्ताओं, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) के स्वास्थ्यकर्मियों के इस्तेमाल के लिए डिजाइन किया गया है।
- शुरुआती स्तर पर जांच: इनके माध्यम से गांवों और दूरस्थ इलाकों में रहने वाले लोगों के मुंह के घावों की समय रहते जांच हो सकेगी।
- त्वरित रेफरल सिस्टम: यदि एआई विश्लेषण में कैंसर की आशंका सामने आती है, तो ऐप के रेफरल सिस्टम के जरिए मरीज को तुरंत विशेषज्ञ अस्पताल (Specialized Hospital) के लिए रेफर किया जाएगा। इससे इलाज में होने वाली देरी को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
शोध में इन डॉक्टरों का रहा विशेष योगदान
इस क्रांतिकारी तकनीक के विकास में जीएमसी के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने अहम भूमिका निभाई है:
मार्गदर्शन एवं नेतृत्व:
डेंटल सर्जरी विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. अनुज भार्गव के नेतृत्व में इस तकनीक को विकसित किया गया है। कॉलेज की अधिष्ठाता डॉ. कविता एन. सिंह के मार्गदर्शन और संस्थागत सहयोग से यह शोध सफलतापूर्वक पूरा हुआ।
- रिसर्च टीम: परियोजना के विकास, अवधारणा (Concept), अनुसंधान और क्रियान्वयन में डॉ. ऋचा शर्मा और डॉ. अनिमेश बड़ोदिया ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह खोज?
- सस्ता और प्रभावी इलाज: इस शोध का मुख्य उद्देश्य कैंसर की समय रहते पहचान कर इलाज को अधिक प्रभावी, कम जटिल और अपेक्षाकृत सस्ता बनाना है।
- बचेगी जान: चिकित्सकों के अनुसार, शुरुआती पहचान (Early Detection) होने से मरीज के पूरी तरह स्वस्थ होने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।



