सर्कल न्यूज़ नेटवर्क | जालोर
खूँखार कुत्तों का हमला और युवक की जाँबाज़ी
जालोर के रूपावटी खुर्द गाँव में मंगलवार की सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब 4-5 आवारा कुत्तों ने राष्ट्रीय पक्षी मोर को अपना निशाना बना लिया। मोर अपनी जान बचाने के लिए फड़फड़ा रहा था, लेकिन कुत्तों के हमले के आगे वह बेबस नजर आ रहा था। इसी बीच खेतों की ओर जा रहे युवक हरसन कुमार सोलंकी की नजर इस खौफनाक मंजर पर पड़ी। अपनी जान की परवाह किए बिना हरसन तुरंत हरकत में आए और लाठी लेकर कुत्तों के झुंड से भिड़ गए। उनके अदम्य साहस को देख कुत्ते वहाँ से भाग खड़े हुए।

मौके पर पहुँचा वन विभाग, शुरू हुआ उपचार
कुत्तों के हमले में मोर के पंख और पैर पर गहरे जख्म हो गए थे। हरसन ने तुरंत घायल मोर को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया और उसे पानी पिलाकर शांत किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन वन विभाग को सूचना दी गई। खबर मिलते ही वन विभाग के अधिकारी महिपाल सिंह सेवाड़ा और कालुराम मौर्य अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँचे। टीम ने मोर का प्राथमिक उपचार करवाया और उसे बेहतर इलाज के लिए नजदीकी पशु चिकित्सालय भिजवाया।
वन्यजीव संरक्षण और ग्रामीणों की सराहना
हरसन कुमार की इस बहादुरी और जीवदया की पूरे इलाके में जमकर तारीफ हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जो आए दिन हिरण, नीलगाय और मोर जैसे मासूम वन्यजीवों को अपना शिकार बना रहे हैं। क्षेत्रीय वन अधिकारी मनोहर खां ने बताया कि मोर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत एक संरक्षित पक्षी है और हरसन ने उसे बचाकर नागरिक कर्तव्य की एक बेहतरीन मिसाल पेश की है।
Report tikam pal



