रानीवाड़ा/हिमाचल प्रदेश।
हौसले अगर बुलंद हों, तो हिमालय की ऊंचाइयां भी छोटी लगने लगती हैं। जालौर जिले के रानीवाड़ा क्षेत्र के दो युवा उद्यमियों, उत्तम सिंह सोलंकी और महेंद्र सिंह सोढा ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। अध्यात्म और अदम्य साहस का परिचय देते हुए इन युवाओं ने दुनिया के सबसे ऊंचे भगवान श्री कृष्ण मंदिर, ‘युला कंडा’ (13,000 फीट) की दुर्गम पहाड़ियों पर अपनी नई फर्म के नाम का शंखनाद किया है।
कठिन डगर, अटूट विश्वास
इस साहसिक यात्रा में उनके साथ भावेश माली भी मौजूद रहे। 12 किलोमीटर की सीधी खड़ी चढ़ाई, हाड़ कपा देने वाली ठंड और कम ऑक्सीजन के स्तर के बावजूद, टीम ने हार नहीं मानी। भारी बर्फबारी के बीच इस ट्रैक को पूरा करना केवल एक शारीरिक उपलब्धि नहीं, बल्कि उनके मानसिक दृढ़ निश्चय का प्रतीक है। युवाओं का मानना है कि जब लक्ष्य बड़ा हो, तो उसकी शुरुआत भी दुनिया के शिखर से होनी चाहिए।

‘ArtPlug’ का आगाज़ और बड़ा लक्ष्य
भगवान श्री कृष्ण के चरणों में अपनी कंपनी ‘ArtPlug’ (हस्तनिर्मित वुडन गिफ्ट एवं क्राफ्टेड आइटम) के नाम का अनावरण करते हुए, दोनों संस्थापकों ने एक ऐतिहासिक संकल्प लिया है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से ‘एक साल, एक करोड़’ का चैलेंज शुरू किया है।
“हमारा उद्देश्य केवल व्यापार करना नहीं, बल्कि क्षेत्र के युवाओं को यह दिखाना है कि सीमित संसाधनों के बावजूद अगर विजन स्पष्ट हो, तो गांव का युवा भी वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना सकता है।” — उत्तम सिंह सोलंकी (क्रिएटिव हेड)
टीम वर्क और रचनात्मकता की जीत
उत्तम सिंह की रचनात्मक सोच और महेंद्र सिंह के संगठनात्मक कौशल के साथ इस टीम ने यह साबित कर दिया कि एक मजबूत टीम वर्क से किसी भी बड़े लक्ष्य को भेदा जा सकता है। रानीवाड़ा जैसे छोटे क्षेत्र से निकलकर हिमाचल की वादियों में जीत का संकल्प गूंजना, पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा का विषय बना हुआ है।
भगवान की आस्था और खुद के हुनर पर भरोसे की यह कहानी अब सोशल मीडिया पर भी खूब सुर्खियां बटोर रही है।



