(संवाददाता, सिरोही) सिरोही से मंडार तक जाने वाली सड़क पर जल्द बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। भारत सरकार के सड़क एवं परिवहन मंत्रालय के अधिशासी अभियंता विपिन कुमार के नेतृत्व में इंजीनियरों की टीम ने इस सड़क का निरीक्षण किया और कई अहम सुधारों के निर्देश दिए।
इस सड़क को नेशनल हाईवे को सौंपे जाने के बाद गड्ढों की मरम्मत और अन्य जरूरी कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। रेवदर और मंडार बाईपास बनाने के साथ ही इसे फोरलेन में तब्दील करने की योजना पर काम हो रहा है। सर्वे टीम से अब तक हुई प्रगति की समीक्षा भी की गई।
इंजीनियरों ने सड़क पर मौजूद तेज मोड़ों को हटाने के निर्देश दिए ताकि नया मार्ग अधिक सुगम और सुरक्षित हो। साथ ही, नेशनल हाईवे के अधिशासी अभियंता राहुल कुमार भी टीम के साथ दौरे में शामिल रहे।
निरीक्षण के दौरान असंगत रूप से बने स्पीड ब्रेकरों को हटाने और हाई-गुणवत्ता वाले रेडियम आई-कैचर लगाने के निर्देश मौके पर ही जारी किए गए। यह कदम बढ़ते ट्रैफिक और सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखकर उठाया गया है।
इस वर्ष सड़क के चौड़ीकरण की योजना पर अंतिम निर्णय लिया जा चुका है, जिसके अनुसार मंडार तक किसी भी नई लेयर को नहीं बिछाया जाएगा। गौरतलब है कि लेयर बिछाने में करीब 35 करोड़ रुपये का खर्च आता, लेकिन जब पूरी नई सड़क बननी है तो यह खर्च व्यर्थ होगा।
नई सड़क की डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने का काम जोरों पर है, जिससे आने वाले समय में सिरोही-मंडार मार्ग की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी।







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