रानीवाड़ा (जालौर)। ग्रामीण विकास और शिक्षा के प्रति समर्पण जब आपस में मिलते हैं, तो बदलाव की एक नई इबारत लिखी जाती है। रानीवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के कोटड़ा ग्राम पंचायत में ‘रतनाराम खीचड़ की ढाणी’ के बच्चों के लिए अब शिक्षा का सपना साकार हो रहा है। MLA रतन देवासी की दूरगामी सोच और स्थानीय स्तर पर प्रमिला देवी के समर्पण ने इस दुर्गम इलाके की तस्वीर बदल दी है।
वर्षों का संघर्ष और विधायक का साथ
बता दें कि इस क्षेत्र की ढाणियों से मुख्य गाँव की दूरी लगभग 8 किलोमीटर है। छोटे बच्चों के लिए इतनी दूर स्कूल जाना असंभव था, जिसके कारण कई बच्चे प्रारंभिक शिक्षा से वंचित रह जाते थे। इस समस्या को देखते हुए स्थानीय कार्यकर्ता मनोहर खीचड़ ने विधायक रतन देवासी के समक्ष यह मांग रखी थी। देवासी ने संवेदनशीलता दिखाते हुए सरकार के स्तर पर पैरवी की, जिसके परिणामस्वरूप ‘नवीन मिनी आंगनबाड़ी केंद्र’ को स्वीकृति मिली। साल 2021 में स्वीकृत यह केंद्र 2024 से पूर्ण रूप से क्षेत्र के बच्चों का भविष्य संवार रहा है।

शिक्षित समाज की नींव: प्रमिला देवी का समर्पण
इस केंद्र की सबसे खास बात इसकी कार्यकर्ता प्रमिला देवी हैं। M.A. और B.Ed. जैसी उच्च डिग्री धारक होने के बावजूद उन्होंने अपनी प्रतिभा को ग्रामीण बच्चों की सेवा में लगाने का निर्णय लिया। रतन देवासी के विजन के अनुरूप प्रमिला देवी ने केंद्र को एक आदर्श रूप में संचालित किया है। उनकी उच्च योग्यता और सिखाने के अनूठे अंदाज की वजह से आज शिक्षा जगत में उनकी सराहना हो रही है।

30-40 बच्चों के भविष्य को मिली नई उड़ान
वर्तमान में इस सेंटर पर करीब 30 से 40 बच्चे नियमित रूप से आ रहे हैं। जहाँ पहले इन बच्चों का बचपन ढाणियों में ही बीत जाता था, अब वे प्रमिला देवी के मार्गदर्शन में अक्षर ज्ञान और बुनियादी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। इस केंद्र को रानीवाड़ा क्षेत्र में शिक्षा के एक बेहतरीन उदाहरण के तौर पर देखा जा रहा है।
ग्रामीणों ने जताया आभार
इस सफलता के पीछे ग्रामीणों का अटूट सहयोग भी शामिल है। मनोहर खीचड़ और अन्य ग्रामीणों ने विधायक रतन देवासी का आभार जताते हुए कहा कि उनके प्रयासों से ही आज ढाणी के द्वार पर शिक्षा पहुँची है। ग्रामीणों का मानना है कि प्रमिला देवी जैसी योग्य शिक्षिका का मिलना उनके बच्चों के लिए किसी सौभाग्य से कम नहीं है।



