जसवंतपुरा तहसीलदार नीरज कुमारी ने दिखाई संवेदनशीलता, फॉलोअप कैंप में मिली त्वरित राहत
सर्कल न्यूज़ नेटवर्क जालोर/जसवंतपुरा। सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की मजबूरी अब अतीत की बात होती जा रही है। राज्य सरकार के कार्यकाल के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित ‘ग्रामीण सेवा शिविर-2025’ आमजन के लिए सही मायनों में ‘राहत का उत्सव’ साबित हो रहे हैं। इसका एक जीता-जागता उदाहरण शनिवार को जसवंतपुरा तहसील की ग्राम पंचायत जोड़वाड़ा में देखने को मिला, जहाँ एक आवेदक की वर्षों पुरानी समस्या का निस्तारण कुछ ही पलों में कर दिया गया।
क्या था मामला? जोड़वाड़ा में आयोजित फॉलोअप कैंप के दौरान प्रार्थी रणजीत खां अपनी व्यथा लेकर पहुंचे। उन्होंने शिविर प्रभारी के समक्ष प्रार्थना पत्र पेश करते हुए बताया कि राजस्व रिकॉर्ड (जमाबंदी) में उनका और उनके परिवार के अन्य सदस्यों का नाम त्रुटिपूर्ण दर्ज है। नाम में गलती होने के कारण उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और जमीन से जुड़े कार्यों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। अक्सर राजस्व रिकॉर्ड में नाम सही करवाने के लिए ग्रामीणों को लंबी कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है।
तहसीलदार ने पेश की सुशासन की नजीर शिविर में मौजूद जसवंतपुरा तहसीलदार नीरज कुमारी ने मामले की गंभीरता को समझा। उन्होंने तुरंत संज्ञान लेते हुए राजस्व विभाग की टीम को फाइल की जांच करने के निर्देश दिए। पटवारी और गिरदावर की जांच रिपोर्ट के आधार पर पुष्टि होते ही तहसीलदार ने मौके पर ही रणजीत खां और उनके परिवार के सदस्यों के नाम राजस्व रिकॉर्ड में दुरुस्त करने के आदेश जारी कर दिए।
चेहरे पर लौटी मुस्कान हाथों-हाथ संशोधित रिकॉर्ड (शुद्धिकरण परचा) प्राप्त होते ही रणजीत खां के चेहरे पर खुशी दौड़ गई। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि जिस काम के लिए वे चिंतित थे, वह सरकार के इस शिविर में इतनी आसानी से हो गया, इसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी। उन्होंने इस त्वरित कार्रवाई के लिए तहसीलदार नीरज कुमारी, स्थानीय प्रशासन और राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य ही यही है कि ‘सरकार जनता के द्वार’ पहुंचकर उनकी समस्याओं का मौके पर ही समाधान करे।



