गांव के सीमांत घर में दबा था अफीम का खज़ाना! थराद में SOG का बड़ा धमाका, 1.5 किलो अफीम रस के साथ दबोचा गया शख्स
थराद (वाव-थराद) | गुजरात
गुजरात के सरहदी इलाके में नशे के काले कारोबार पर पुलिस ने एक और करारा प्रहार किया है। थराद पुलिस थाना क्षेत्र के बेवटा गांव की सीमा में बने एक रिहायशी घर से SOG (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) वाव-थराद ने 1.497 किलो अफीम रस बरामद किया है। बरामद अफीम की कीमत ₹7.48 लाख आंकी गई है और कुल ₹7.53 लाख का माल जब्त हुआ है।
ऐसे बिछा जाल: एक गुप्त सूचना और पूरा खेल पलट गया
बनासकांठा रेंज की IG परीक्षिता राठौड़ और वाव-थराद के जिला पुलिस अधीक्षक चिंतन तेरैया ने नशीले पदार्थों की बिक्री और तस्करी पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए थे। इन्हीं निर्देशों के बाद SOG के पुलिस इंस्पेक्टर आर.के. अमीन, PSI पी.वी. धोकडिया और उनकी टीम को एक निजी मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली।
सूचना थी कि बेवटा गांव की सीमा में रहने वाले भुपाजी रगाजी राजपूत (देवड़ा) के घर में प्रतिबंधित मादक पदार्थ छिपाया गया है। टीम ने बिना देर किए घर पर दबिश दी।
लोहे की पेटी खुली, तो उड़े होश
तलाशी के दौरान आरोपी के कमरे में रखी लोहे की पेटी से बिना पास-परमिट का अफीम रस बरामद हुआ। पुलिस के मुताबिक यह घर के अंदर ही बड़ी सावधानी से छिपाकर रखा गया था।
NDPS एक्ट में केस दर्ज
भुपाजी रगाजी को मौके पर ही पकड़ लिया गया। थराद पुलिस थाने में NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ है और आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
अब सबसे बड़ा सवाल: यह अफीम आया कहां से, जाना कहां था?
मामले की असली परतें अब खुलनी बाकी हैं। पुलिस इस दिशा में जांच कर रही है कि अफीम का यह जत्था किससे हासिल किया गया, आगे किसे पहुंचाया जाना था और क्या इस मामले में कोई और व्यक्ति भी शामिल है। यानी आने वाले दिनों में इस केस में नए नाम और बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।
कितनी सज़ा हो सकती है? (कानूनी पहलू)
NDPS एक्ट में सज़ा मात्रा पर निर्भर करती है। कई अपराधों में दंड इस पर तय होता है कि मादक पदार्थ की मात्रा कम, कम से ज़्यादा पर व्यावसायिक से कम, या व्यावसायिक है। मेरी जानकारी के अनुसार अफीम की व्यावसायिक मात्रा 2.5 किलो है, इसलिए 1.497 किलो का मामला मध्यम मात्रा की श्रेणी में आ सकता है, जिसमें सामान्यतः 10 साल तक की सश्रम कैद और जुर्माने का प्रावधान है। यह जानकारी अदालत में आरोप तय होने के बाद ही स्पष्ट होगी, इसे कृपया पुष्टि के बाद ही प्रकाशित करें।
⚖️ नोट: आरोपी पर लगे आरोप अभी पुलिस की कार्रवाई के स्तर पर हैं। दोष सिद्ध करना अदालत का काम है।









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